देवभूमि क्षत्रिय संगठन ने धारा-144 ताेड़ पुलिस पर किया पथराव, ASP सहित 4 जवान घायल

punjabkesari.in Wednesday, Mar 16, 2022 - 07:55 PM (IST)

शिमला (अम्बादत्त/जस्टा): सवर्ण आयोग के गठन की मांग को लेकर राजधानी में पहुंचे देवभूमि क्षत्रिय संगठन के कार्यकर्ताओं ने कानून का उल्लंघन ही कर डाला। जहां जिला प्रशासन ने हंगामे को रोकने के लिए बाईपास क्रॉसिंग पर धारा-144 लगाई थी, वहीं संगठन के लोगों ने बाईपास क्रॉसिंग पर धारा-144 को तोड़ डाला। वहीं जब तारादेवी के पास से भारी मात्रा में क्षत्रिय संगठन के लोग क्रॉसिंग की ओर बढ़ रहे थे तो वहां पर पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन संगठन के लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें एएसपी सुशील ठाकुर सहित पुलिस के 4 जवान घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए आईजीएमसी में भर्ती करवाया गया है। एएसपी व पुलिस कर्मियों को सिर पर चोटें आईं हैं। 
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बाईपास क्रॉसिंग पर पुलिस के साथ बहसबाजी, सरकार के खिलाफ नारेबाजी

जानकारी के अनुसार संगठन के लोग मुख्यमंत्री का घेराव करने प्रदेश सचिवालय में पहुंचना चाहते थे लेकिन पुलिस ने पहले शोघी फिर तारोदवी उसके बाद बाईपास क्रॉसिंग पर उन्हें पूरी तरह से रोक दिया। वहां से आगे लोगों को पुलिस ने एक भी कदम आगे बढ़ने नहीं दिया। इस दौरान क्रॉसिंग के पास पुलिस व लोगों के बीच जमकर बहसबाजी हुई। बाईपास क्रॉसिंग पर लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यहां बैरिकेड्स तोड़ने की संगठन के लोगों द्वारा कोशिश की गई। क्षत्रिय संगठन के लोग मुख्यमंत्री को बात करने के लिए क्रॉसिंग पर बुलाना चाह रहे थे लेकिन यह प्लान सफल नहीं हो पाया और संगठन के लोग दोफाड‍़ हो गए व प्रदर्शन शांत हो गया। प्रदर्शन के दौरान संगठन ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बात करने नहीं आए तो शिमला के लिए कूच किया जाएगा। संगठन के अध्यक्ष रूमित ठाकुर ने चेतावनी देते हुए कहा कि कार्यकताओं की गाड़ियों को टूटीकंटी क्रॉसिंग तक आने से न रोका जाए। जोर-जबरदस्ती की तो हिंसक होने को मजबूर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि उनके प्रदेश भर के हजारों कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा जगह-जगह रोका जा रहा है। संगठन के लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री को सवर्ण समाज से आकर स्वयं बात करनी होगी। अगर ऐसा नही होता है तो सवर्ण आंदोलन उग्र रूप ले लेगा। 
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लाठियां, रॉड्स व पत्थर लेकर पहुंचे थे प्रदर्शनकारी

शिमला में देवभूमि क्षत्रिय संगठन के लोग अपने साथ लाठियां रॉड्स व पत्थर लेकर पहुंचे थे। हाालंकि इस दौरान उन्होंने पथराव के अलावा पुलिस पर लाठी व रॉड से वार नहीं किया। लोगों को डर था कि शायद पुलिस उन पर लाठीचार्ज करेगी लेकिन पुलिस की ओर से ऐसा कुछ नहीं किया गया और प्रदर्शनकारी भी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
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प्रदर्शनकारियों ने फाड़े मुख्यमंत्री के होर्डिंग

देव भूमि क्षत्रिय संगठन के लोगों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला। इस दौरान क्षत्रिय समाज के लोगों के लोगों ने बाईपास क्रॉसिंग के पास चक्का जाम किया व नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बाईपास क्रॉसिंग के पास लगे मुख्यमंत्री के होर्डिंग को फाड़ा, जिसमें प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंकित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने अपना आक्रोश मुख्यमंत्री के पोस्टर फाड़ने में निकाला। 
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3 महीने बाद भी नहीं बना एक्ट, मुख्यमंत्री ने दिया लॉलीपॉप

संगठन के अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री ने धर्मशाला में सत्र के दौरान 3 महीने के अंदर एक्ट बनाने की बात कही थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सवर्ण आयोग के गठन की अधिसूचना भी आज तक नहीं आई। सरकार ने सवर्ण समाज के लोगों को एक्ट बनाने के नाम पर लॉलीपॉप दिया है। देवभूमि सवर्ण समाज संगठन के कार्यकर्ताओं ने शिमला के टूटीकंडी क्रॉसिंग के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी-कांग्रेस के लोग सवर्ण समाज को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।  
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शहर में दोपहर तक नहीं चली बसें, गंतव्य तक पैदल पहुंचे लोग

देवभूमि सवर्ण समाज संगठन के सचिवालय घेराव की रणनीति के चलते शिमला शहर में दोपहर 3.30 बजे तक बसें नहीं चलीं। ऐस में शिमला शहर आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह 11 बजे सगंठन के लोगों को सचिवालय न पहुंचने दिया जाए, इसके लिए टूटीकड़ी क्रॉसिंग व 103 के पास बैरिकेड्स लगाए गए थे, जिस कारण बसें नहीं चल पाईं। ऐसे में टुटू, बालूगंज, समरहिल, घोड़ा चौकी, शोघी से आने वाले लोगों को पैदल ही शिमल पहुंचना पड़ा। वहीं इस दौरान एचआरटीसी की बसें भी नहीं चलीं। वहीं मुख्यमंत्री आवास ओकओवर के बाहर भी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
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बालूगंज-समरहिल-चौड़ा मैदान किया वन-वे

पुलिस द्वारा जगह-जगह पर बैरिकेड लगाने के चलते पुलिस प्रशासन ने छोटी गाड़ियों के लिए बालुगंज शिमला मार्ग वन-वे कर दिया गया। टुटू से शिमला मार्ग को बालूगंज से छोटे वाहनों के लिए वाया समरहिल चौड़ा मैदान होते हुए डायवर्ट कर दिया। वहीं शिमला से बालूगंज आने वाली गाड़ियां चौड़ा मैदान बालूगंज मार्ग से होते हुए भेजी गईं, ऐसे में जाम की समस्या तो रही लेकिन लोग शिमला पहुंच सके। सवर्ण समाज के प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन व पुलिस ने ऊपरी शिमला से आने वाली सभी बसों को ढली भट्टाकुफर बाईपास से नए बस स्टैंड आईएसबीटी के लिए भेजा। यह निर्णय प्रशासन ने शहर में ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए व सवर्ण समाज के प्रदर्शन को देखते हुए किया। वहीं संजौली, ढली व लक्कड़ बाजार की बसें भी आए दिन की अपेक्षा कम संख्या में चली।
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राज्यपाल का बदला मार्ग

सवर्ण समाज के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन व सरकार ने प्रदेश के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर का शिमला आने का रास्ता बदल दिया क्योंकि बाईपास क्राॅसिंग में सवर्ण समाज के लोगों ने चक्का जाम किया हुआ है। इसी के चलते राज्यपाल को वाया कंडाघाट-जुन्गा मार्ग से होते हुए शिमला पहुंचाया गया। चक्का जाम व भीड़ को देखते हुए उनका रूट बदला गया।

स्कूलों में छुट्टी के बाद अपने बच्चों को ढूंढते रहे अभिभावक

दोपहर बाद जब शहर के स्कूलों में छुट्टी हुई तो कुछ बच्चे घर की ओर निकल पड़े थे। हालांकि बच्चों के अभिभावकों को डर सता रहा था कि उनके बच्चे कहीं भीड़ के बीच न जाएं, ऐसे में अभिभावक खुद ही स्कूल पहुंचे लेकिन उनके बच्चे पहले ही निकल गए थे, जिस कारण कई अभिभावक अपने बच्चों को ढूंढते रहे। खासकर घोड़ा चौकी, तारादेवी, बालूगंज, टुटू, समहिल, टुटीकंडी, चक्कर की ओर जाने वाले बच्चों को काफी परेशानी हुई। 

जिलाधीश ने लिया स्थिति का जायजा

देवभूमि सवर्ण समाज संगठन द्वारा आयोजित धरना-प्रदर्शन के तहत टूटीकंडी शिमला में जिलाधीश शिमला आदित्य नेगी ने व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए स्वयं स्थल पर रहकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने की दृष्टि से शिमला के अनेक क्षेत्रों में धारा 144 लागू की गई थी बावजूद इसके संगठन के कार्यकर्ताओं का वहां जमावड़ा हुआ। उन्होंने बताया कि इस दौरान पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू तथा पुलिस महानिरीक्षक हिमांशु मिश्रा, पुलिस अधीक्षक शिमला मोनिका भुटुंगरू भी मौजूद थीं। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद था। कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा सुरक्षा की दृष्टि से जिलाधीश ने अधिकारियों को परस्पर समन्वय स्थापित करने संबंधी आवश्यक निर्देश भी दिए। जिलाधीश ने एकत्रित संगठन के प्रदर्शनकारियों व नेताओं से निरंतर बातचीत कर धरना स्थल से उठने के लिए परस्पर संवाद भी कायम किया।

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Content Writer

Vijay

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