हिमाचल में कभी भी लग सकता है राज्यपाल शासन, BJP विधायक के बयान ने बढ़ाई सियासी हलचल
punjabkesari.in Thursday, Feb 12, 2026 - 05:51 PM (IST)
Kangra News: प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष और कांगड़ा के विधायक पवन काजल ने राज्य की सुक्खू सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। पवन काजल ने दावा किया है कि हिमाचल की चरमराती आर्थिक स्थिति और सरकार की कार्यप्रणाली को देखते हुए प्रदेश में किसी भी समय राज्यपाल शासन लागू होने की संभावना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए अभी से कमर कसने का आह्वान किया है।
"लोकतंत्र का गला घोंट रही है सरकार"
गुरुवार को मटोर में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के दौरान पवन काजल ने कहा कि हिमाचल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब किसी सरकार ने पंचायतों के चुनाव रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया हो। उन्होंने इसे 'ग्रामीण संसद' के अधिकारों का हनन और लोकतंत्र की हत्या करार दिया। काजल ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों को चुनौती देना दर्शाता है कि सरकार जनता का सामना करने से डर रही है।
कर्ज और झूठी गारंटियों का लगाया आरोप
विधायक ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि झूठे चुनावी वादों के दम पर सत्ता हथियाने वाली कांग्रेस के राज में हिमाचल देश का पांचवां सबसे कर्जदार राज्य बन चुका है। आरडीजी (RDG) ग्रांट बंद होने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार केंद्रीय वित्त आयोग के सामने राज्य का पक्ष मजबूती से रखने में विफल रही है। उन्होंने याद दिलाया कि हिमाचल में फोरलेन, वंदे भारत ट्रेन, एम्स और केंद्रीय विश्वविद्यालय जैसे बड़े प्रोजेक्ट मोदी सरकार की ही देन हैं, ऐसे में अपनी विफलताओं के लिए केंद्र को दोष देना पूरी तरह गलत है।

