Una: वन विभाग ने खैर की लकड़ी से लदा ट्राला पकड़ा, एक आरोपी काबू, दूसरा मौके से फरार
punjabkesari.in Saturday, Mar 07, 2026 - 04:06 PM (IST)
बड़ूही (अनिल): ऊना जिले के कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में वन विभाग ने वन माफिया के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। रामगढ़ धार क्षेत्र में डीएफओ सुशील राणा के नेतृत्व में टीम ने एक पिकअप ट्राले को खैर की अवैध लकड़ी के साथ पकड़ा है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि एक अन्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार को वन रक्षक प्रभारी मोमन्यार बीट सुशील कुमार अपनी टीम के साथ नियमित गश्त पर थे। रात करीब 11 बजे बौल पैट्रोल पंप के नजदीक एक संदिग्ध पिकअप ट्राला दिखाई दिया। टीम ने जब मौके पर पहुंच कर जांच की तो पाया कि ट्राले में अवैध रूप से खैर के मौछे लोड किए जा रहे थे। वन विभाग की टीम ने मौके पर शेर सिंह पुत्र रमेश चंद निवासी गांव टांडा, डाकघर बल्ह, तहसील बंगाणा व जिला ऊना को पकड़ लिया। वहीं एक अन्य व्यक्ति अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। जांच के दौरान पिकअप ट्राले में 18 खैर के मोछे लोड पाए गए जबकि 13 मौछे गाड़ी के पास जमीन पर पड़े हुए मिले। वन विभाग ने लकड़ी और गाड़ी को जब्त कर लिया है और आरोपियों के खिलाफ फोरैस्ट एक्ट व इंडियन फोरैस्ट एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पकड़ी गई लकड़ी की कीमत लाखों रुपए आंकी गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये तस्कर सरकारी जंगलों से लकड़ी काटकर ठेकेदारों को मोटी रकम में बेचते थे।
फोरैस्ट गार्ड 3 दिनों से कर रहे थे रैकी
इस ऑप्रेशन की सफलता के पीछे वन विभाग की तीन दिनों की कड़ी मेहनत है। रेंज ऑफिसर (खुरबाई) संदीप कुमार ने बताया कि विभाग को अवैध कटान की गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं। इसके बाद विभाग ने विशेष टीम गठित कर गुप्त निगरानी शुरू कर दी थी। 72 घंटे तक विभाग के फोरैस्ट गार्ड सिविल ड्रैस में इलाके में घूमकर वन काटुओं की रैकी कर रहे थे, जिसके बाद ये कार्रवाई की गई है। संदीप कुमार ने कहा कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है कि उसने किन-किन जगहों पर अवैध कटान किया और यह लकड़ी किस ठेकेदार को देने वाला था। जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और भी लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।
डीएफओ ने दी सख्त चेतावनी, बख्शे नहीं जाएंगे अवैध कटान करने वाले
डीएफओ ऊना सुशील राणा ने बताया कि 4 दिन पहले ही मिलकीयत भूमि से खैर कटान पर रोक लगा दी गई थी, फिर भी चोरी-छिपे यह कारोबार चल रहा था। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जंगलों को नुक्सान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग अब पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर रहा है ताकि इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और ठेकेदारों तक पहुंचा जा सके।

