मां चिंतपूर्णी के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए पावन पिंडी के दर्शन
punjabkesari.in Sunday, Apr 12, 2026 - 05:33 PM (IST)
चिंतपूर्णी (राकेश/सुनील): धार्मिक शक्तिपीठ माता श्री चिंतपूर्णी के दरबार में रविवार को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सप्ताहांत (वीकेंड) और बैसाखी की छुट्टियों के चलते मंदिर में दर्शन करने वालों की भारी भीड़ देखी गई। प्रशासन के अनुसार रविवार को लगभग 20,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने मां की पावन पिंडी के दर्शन किए। श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही के कारण सड़क मार्ग पूरी तरह से भरा रहा और वाहनों का तांता लगा रहा।
व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा कर्मियों को करनी पड़ी मशक्कत
पंजाब और अन्य पड़ोसी राज्यों में शनिवार, रविवार और बैसाखी की छुट्टियां होने के कारण हिमाचल के शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की संख्या में अचानक वृद्धि दर्ज की गई है। भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर में तैनात सुरक्षा कर्मियों को व्यवस्था बनाए रखने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। भीड़ नियंत्रण के लिए थाना प्रभारी जयराम कुमार शर्मा और राजेश कुमार की टीम ने मोर्चा संभाला और निरंतर दौरा करके व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

मां के दर्शनों के लिए 5 घंटे तक करना पड़ा इंतजार
श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या के कारण मंदिर प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु लगाए गए टैंट और अन्य इंतजाम कम पड़ते दिखाई दिए। श्रद्धालुओं को मां के दरबार तक पहुंचने के लिए लंबी लाइनों में 4 से 5 घंटे तक का समय लग रहा था। इसके अलावा सुगम दर्शन प्रणाली काऊंटर पर भी श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा रहा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने तलवाड़ा बाईपास और अन्य महत्वपूर्ण जगहों का भी मुआयना किया।
क्या कहते हैं मंदिर अधिकारी
मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर और वित्त एवं लेखा अधिकारी राजेंद्र कटोच ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है। मंदिर सह आयुक्त एवं एसडीएम अम्ब द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुपालन में सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त रखा गया है।अधिकारियों ने कहा कि वे स्वयं फील्ड में उतरकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को असुविधा न हो। साथ ही, संबंधित सभी विभागों को भीड़ प्रबंधन और सुविधाओं को सुचारू रखने के लिए सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं। मंदिर प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मंदिर के नियमों का पालन करें और दर्शन प्रक्रिया में सहयोग करें।

