क्राइम ब्रांच ने कब्जे में ली रेमडेसिविर इंजैक्शन की नकली खेप, उद्योग मालिक हिरासत में

4/16/2021 8:17:53 PM

डमटाल (सिमरन): कोरोना महामारी के इलाज में उपयोग किए जाने वाले इंजैक्शन रेमडेसिविर की भारी नकली खेप को मध्य प्रदेश की इंदौर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कब्जे में लेकर आरोपी उद्योग मालिक डॉ. विनय शंकर को हिरासत में लिया है। पुलिस, प्रशासन व औषधि विभाग द्वारा दावा किया जा रहा है कि आरोपी से पकड़ी गई इंजैक्शन की खेप नकली है, जिसका उत्पादन जिला कांगड़ा के इंदौरा विधानसभ के गांव सूरजपुर में स्थित दवा फैक्टरी द्वारा किया जा रहा है। पुलिस द्वारा आरोपी के उद्योग व घर में दबिश दी गई तो पाया गया कि भारी मात्रा में इन इंजैक्शनों के बिल सूरजपुर में स्थित दवाई फैक्टरी द्वारा दिए गए हैं। पुलिस सभी बिलों और अन्य दस्तावेजों को कब्जे में लेकर जांच आगे बढ़ा रही है।

डीसी कांगड़ा ने लिया मामले में कड़ा संज्ञान

नकली इंजैक्शन की खेप का मामला ध्यान में आने पर जिलाधीश कांगड़ा राकेश कुमार प्रजापति ने कड़ा संज्ञान लिया और उनके हस्तक्षेप के बाद सेहत विभाग के एडिशनल डायरैक्टर सुमित खिमटा द्वारा जारी निर्देशानुसार जिला कांगड़ा के असिस्टैंट ड्रग कंट्रोलर आशीष कुमार, ड्रग इंस्पैक्टर प्यार चंद ठाकुर, थाना प्रभारी डमटाल हरीश गुलेरिया सहित अन्यों ने डमटाल के सूरजपुर के दवा उद्योग में दबिश दी और कई घंटों तक छानबीन की। दबिश के दौरान विभाग ने दवा उद्योग को बारीकी से जांचा और अन्य दस्तावेजों की जांच की है।

...तो उद्योग के खिलाफ होगी कानूनी कार्रवाई

ड्रग इंस्पैक्टर प्यार चंद ठाकुर ने बताया कि उच्चाधिकारियों द्वारा जारी निर्देशानुसार उद्योग में दबिश दी गई है। उद्योग में छानबीन की गई है। इंदौर पुलिस द्वारा पकड़ी गई नकली इंजैक्शन की खेप और बिल सूरजपुर दवा उद्योग के होने के दावे कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक इंदौर पुलिस की जांच कांगड़ा नहीं पहुंचती, तब तक उनके सम्पर्क के बाद ही आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फि लहाल उद्योग में दबिश देकर जांचा गया है कि उक्त निर्माता के पास ऐसा कोई लाइसैंस नहीं है, जिसके चलते वह रेमडेसिविर इंजैक्शन बना पाए। फि लहाल जांच चल रही है। यदि इस उद्योग में इंजैक्शन बनाए गए हैं तो निश्चित तौर पर उद्योग के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

उद्योग का उत्पादन बंद किया

कांगड़ा, चम्बा, ऊना के असिस्टैंट ड्रग कंट्रोलर आशीष रैना ने बताया कि शिकायत मिलने पर सूरजपुर में दवा उद्योग पर दबिश दी गई है। कंपनी की बारीकी से जांच की जा रही है। बिलों और अन्य दस्तावेजों को कब्जे में ले लिया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक आगामी आदेश तक उद्योग के उत्पादन को बन्द कर दिया गया है। वहीं इंदौर पुलिस के साथ डमटाल पुलिस सम्पर्क साधने में लगी है।

इंदौर पुलिस कर रही दावा, इंजैक्शन की खेप नकली

इंदौर पुलिस का दावा है कि आरोपी से पकड़ी गई इंजैक्शन की खेप को नकली है। इसे औषधि विभाग द्वारा स्पष्ट तौर पर नकली बताया गया है। डीआईजी मनीष कपूरिया का कहना है कि दवा संचालक, अस्पताल कर्मी और दलाल कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के चलते नकली इंजैक्शन की कालाबाजारी कर रहे हैं और पीड़ित मरीजों से 15 से 20 हजार रुपए तक राशि ऐंठी जाती है। नकली इंजैक्शन लगने से मरीजों की मौत हो सकती है। उन्होंने अपनी जांच में कहा कि आरोपियों ने नकली इंजैक्शन बनवाए हैं और इन इंजैक्शनों को हिमाचल के जिला कांगड़ा के इंदौरा के गांव सूरजपुर में स्थित दवा उद्योग द्वारा बनाया गया है जिस पर जल्द कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


Content Writer

Vijay

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