Kangra : आवास योजना का इंतजार या व्यवस्था की अनदेखी? रिंकी कुमारी का दर्दनाक संघर्ष
punjabkesari.in Saturday, Jun 27, 2026 - 04:37 PM (IST)
इंदौरा न्यूज (दुर्गेश कटोच) : सरकार की आवास योजनाओं के बड़े-बड़े दावों के बीच विधानसभा इंदौरा में पड़ते ग्राम पंचायत डागला के गांव मलाड से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े करती है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली रिंकी कुमारी का मकान पूरी तरह से धराशायी हो चुका है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि आज तक उन्हें किसी भी आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है।

अपना घर टूटने के बाद रिंकी कुमारी अपने पति और बच्चों के साथ अपने देवर के घर में शरण लेने को मजबूर हैं। एक तरफ उनके पति दिहाड़ी मजदूरी कर किसी तरह परिवार का पेट पाल रहे हैं, तो दूसरी ओर रिंकी कुमारी खुद बरसात के मौसम में खेतों में सब्जियां उगाकर परिवार की गुजर-बसर करने का प्रयास कर रही हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सरकार गरीब और बेघर परिवारों के लिए करोड़ों रुपये की योजनाएं चला रही है, तो आखिर रिंकी कुमारी जैसी जरूरतमंद महिला की सुध लेने वाला कोई क्यों नहीं मिला? क्या उनका टूटा हुआ मकान किसी अधिकारी या जनप्रतिनिधि को दिखाई नहीं दिया? क्या गरीब होने की सजा उन्हें अपने बच्चों के साथ बेघर होकर भुगतनी पड़ रही है?

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस परिवार की मदद की जाती, तो शायद उन्हें दूसरों के घरों में शरण लेने की नौबत नहीं आती। रिंकी कुमारी की स्थिति ने एक बार फिर सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला सामने आने के बाद ग्राम पंचायत के नवनिर्वाचित प्रधान से संपर्क किया गया। प्रधान ने आश्वासन दिया है कि आगामी ग्राम सभा में रिंकी कुमारी के मामले को प्राथमिकता के आधार पर रखा जाएगा और उन्हें आवास योजना का लाभ दिलाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
फिलहाल, रिंकी कुमारी और उनका परिवार एक ही उम्मीद के सहारे जी रहा है—कि शायद इस बार उनकी टूटी हुई छत के साथ-साथ उनकी टूटी हुई उम्मीदों को भी सहारा मिल जाए। अब देखना यह होगा कि व्यवस्था इस गरीब परिवार की पुकार कब तक सुनती है।

