Shimla News: देव आदेश के बाद किन्नर कैलाश यात्रा पर अनिश्चितता, प्रतिबंध की मांग तेज
punjabkesari.in Friday, Jun 19, 2026 - 05:31 PM (IST)
रिकांगपिओ (रिपन): जिला किन्नौर में इस वर्ष आयोजित होने वाली किन्नर कैलाश यात्रा को लेकर स्थिति संवेदनशील हो गई है। स्थानीय देव आस्था और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी इस यात्रा पर पोवारी और रिब्बा गांव के लोग प्रशासन से पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं। 1 जुलाई से प्रस्तावित किन्नर कैलाश यात्रा को पूरी तरह बंद करने की मांग करते हुए पोवारी रल्ली और रिब्बा देव समाज ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यात्रा के बढ़ते स्वरूप से क्षेत्र की धार्मिक पवित्रता और प्राकृतिक संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त पूजा में प्रयोग होने वाले पवित्र पुष्प तथा विशेष जड़ी बूटियां भी विलुप्त हो रही हैं।
देव समाज के अनुसार, पोवारी गांव के कुलदेवता परका शंकर, रिब्बा गांव के कुलदेवता कसूराज तथा मेबर मौनशिरस के माध्यम से देव आदेश जारी किया गया है, जिसमें किन्नर कैलाश यात्रा को पूर्णतया बंद करने की बात कही गई है। इस संबंध में स्थानीय प्रतिनिधियों ने डीसी किन्नौर से मुलाकात कर अपनी मांगों से अवगत करवाया।
वहीं इस विषय में डीसी किन्नौर ने बताया कि प्रशासन इस विषय को गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर राजस्व मंत्री की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की जा चुकी है तथा शुक्रवार को भी रिब्बा और पोवारी के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा भी की गई है। डीसी ने कहा कि स्थानीय लोगों की धार्मिक आस्था और देव परंपराओं का पूरा सम्मान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन स्थानीय देव सभा के साथ समन्वय स्थापित कर ऐसा समाधान तलाशने का प्रयास करेगा, जिससे क्षेत्र की पवित्रता और धार्मिक भावनाओं को किसी प्रकार की ठेस न पहुंचे। किन्नर कैलाश यात्रा को लेकर अब सभी की निगाहें प्रशासन के अगले निर्णय पर टिकी हैं।

