Shimla: राजगढ़ सड़क निर्माण घोटाला, सतर्कता ब्यूरो ने तेज की जांच, वन भूमि अतिक्रमण पर शिकंजा

punjabkesari.in Monday, Jul 06, 2026 - 10:21 PM (IST)

शिमला (ब्यूरो): राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की विशेष अन्वेषण इकाई ने सिरमौर जिले के राजगढ़ सड़क निर्माण मामले में अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। यह मामला जूनियो से कुल्थीधार, बसोटी और दूधधाम तक संपर्क सड़क के निर्माण में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग, सरकारी वन भूमि के अवैध उपयोग, स्वीकृत सीमा से अधिक निर्माण और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ा हुआ है। ​प्रारंभिक जांच के अनुसार इस सड़क का निर्माण मुख्यतः एक आरोपी की निजी भूमि तक पहुंच प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया था। इसके लिए स्वीकृत वन क्षेत्र से आगे बढ़कर सरकारी वन भूमि और शामलात भूमि पर कथित रूप से अवैध अतिक्रमण किया गया। एस.आई.यू. अब इस मामले से जुड़े मनी ट्रेल, संदिग्ध बेनामी स्वामित्व, वित्तीय लेन-देन और परियोजना को मंजूरी देने में शामिल लोक सेवकों व निजी व्यक्तियों की भूमिका की गहनता से जांच कर रही है।

आरोपी ​जसवंत सिंह को एसआईयू द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद न्यायालय से दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था। रिमांड के दौरान वित्तीय लेन-देन और सड़क निर्माण से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ के बाद, आरोपी को 4 जुलाई को सशर्त जमानत दे दी गई है। संदेही यश अग्रवाल और मनीष अग्रवाल को न्यायालय द्वारा इन्हें 14 जुलाई तक अंतरिम जमानत प्रदान की गई है। जांच अधिकारी ने सभी आरोपियों और संदिग्धों को शिमला सतर्कता मुख्यालय में शामिल होने के लिए नोटिस जारी कर दिए हैं। उनके बयान दर्ज करने के साथ-साथ दस्तावेजी, वित्तीय और इलैक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया जा रहा है। ​सतर्कता ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है। संलिप्तता साबित होने पर किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका पद या रसूख कुछ भी हो। आने वाले समय में साक्ष्यों के आधार पर और भी गिरफ्तारियां संभव हैं।


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Kuldeep

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