Shimla: पैरा पंप ऑप्रेटर की नियुक्तियों को लेकर अभ्यर्थी कोर्ट पहुंचे

punjabkesari.in Saturday, Feb 28, 2026 - 10:11 PM (IST)

शिमला (वार्ता): हिमाचल प्रदेश में पैरा पंप ऑप्रेटर की नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं को लेकर अनुसूचित जाति के दो अभ्यर्थियों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल की पीठ के समक्ष नरेश कुमार और अन्य बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य और अन्य नाम की याचिका 24 फरवरी, 2026 को सुनवाई के लिए आई। याचिकाकर्त्ता नरेश कुमार और बुध सिंह ने बताया कि वे अनुसूचित जाति से हैं तथा उनकी श्रेणी के तहत चुने गए उम्मीदवारों ने सामान्य श्रेणी के तहत चुने गए कुछ उम्मीदवारों की तुलना में ज्यादा नंबर हासिल किए थे, फिर भी उन्हें आखिरी नियुक्तियों में नजरअंदाज कर दिया गया।

उन्होंने बताया कि शुरू में चार उम्मीदवारों ने मिलकर रिट याचिका दायर की थी, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के लोग शामिल थे लेकिन अदालत ने पाया कि चूंकि याचिका नरेश कुमार के फाइल किए गए शपथ पत्र से समर्थित थी, इसलिए यह सिर्फ एससी श्रेणी के उम्मीदवारों के मामले में ही सुनवाई योग्य हो सकती है। चूंकि ईडब्ल्यूएस और ओबीसी याचिकाकर्त्ताओं के दावे एक ही शपथ पत्र पर कायम नहीं रह सकते थे, इसलिए याचिकाकर्त्ताओं के वकील ने याचिका को सिर्फ दो एस.सी. उम्मीदवारों तक सीमित रखने और बाकी दो की ओर से याचिका वापस लेने की इजाजत मांगी, साथ ही अलग-अलग याचिका फाइल करने की भी छूट मांगी। अदालत ने आग्रह मानते हुए रजिस्ट्री को पाटिर्यों के नाम हटाने का निर्देश दिया।

10 अप्रैल को देना होगा जवाब
अदालत ने आरोपों पर ध्यान देते हुए कहा कि जिन प्रतिवादियों की नियुक्तियों को चुनौती दी जा रही है, उन्हें नोटिस जारी किए जाने चाहिए, क्योंकि याचिकाकर्त्ताओं के पक्ष में कोई भी आदेश उन पर बुरा असर डाल सकता है। प्रतिवादी नंबर 6 से 9 को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया है, जिनका जवाब 10 अप्रैल, 2026 तक देना होगा।


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Kuldeep

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