Shimla: मृत अविवाहित बेटे की मां के हक में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 13 लाख रुपए मिलेगा मुआवजा
punjabkesari.in Tuesday, Jul 28, 2026 - 08:33 PM (IST)
शिमला (ब्यूरो): हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले एक अविवाहित युवक की मां के हक में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मोटर एक्सीडैंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल द्वारा तय की गई 7,19,000 रुपए की मुआवजा राशि को नाकाफी माना। न्यायालय ने कानूनी सिद्धांतों और भविष्य की संभावनाओं को आधार बनाते हुए इस मुआवजे को बढ़ाकर 13,02,770 रुपए करने के आदेश जारी किए हैं। न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की एकल पीठ ने याचिकाकर्त्ता मां सत्य दिल्टा द्वारा दायर अपील पर यह फैसला सुनाया।
मामले के विवरण के अनुसार 8 नवम्बर 2011 को याचिकाकर्त्ता का 23 वर्षीय बेटा मोहित दिल्टा खलीनी से चंडीगढ़ जाने के लिए एक स्कोर्पियो गाड़ी में सवार हुआ था। कनलोग नाले के पास चालक की लापरवाही और तेज गति के कारण वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। इस भयानक हादसे में मोहित दिल्टा और गाड़ी के चालक दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद पीड़ित मां ने ट्रिब्यूनल में 50 लाख रुपए के मुआवजे के लिए दावा किया था। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि ट्रिब्यूनल ने मुआवजे की गणना करते समय कई कानूनी त्रुटियां की थीं।
ट्रिब्यूनल ने मृतक की मासिक आय केवल 6,000 रुपए आंकी थी। हाईकोर्ट ने माना कि मृतक एक बागवान और किसान था। साल 2011 के मानदंडों के अनुसार उसकी मासिक आय को 8,000 रुपए तय किया गया। हादसे के वक्त मोहित की उम्र 23 साल थी। ट्रिब्यूनल ने गलती से उसकी उम्र 33 साल मानकर 11 का मल्टीप्लायर लगा दिया था। हाईकोर्ट ने उम्र के हिसाब से सही मल्टीप्लायर '18' लागू किया। सर्वोच्च न्यायालय के सिद्धांतों के तहत मृतक के स्वरोजगार और 40 वर्ष से कम आयु होने के कारण उसकी स्थापित आय में 40% अतिरिक्त राशि जोड़ी गई।
चूंकि युवक अविवाहित था, इसलिए नियमों के तहत कुल राशि में से 50% उसकी व्यक्तिगत जीवनशैली के खर्च के रूप में कटौती की गई। अदालत ने बीमा कंपनी 'इफको टोक्यो जनरल इंश्योरैंस' को संशोधित कुल मुआवजा 13,02,770 रुपए पर ट्रिब्यूनल द्वारा पूर्व में तय की गई 7.5% वार्षिक ब्याज दर के साथ पीड़ित मां को भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।

