Shimla: CBSE स्कूलों के लिए CM सुक्खू की बड़ी घोषणा
punjabkesari.in Tuesday, Jul 28, 2026 - 04:59 PM (IST)
शिमला (ब्यूरो): मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में सी.बी.एस.ई. से संबद्ध सरकारी विद्यालय 5 वर्षों में राज्य के सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों के रूप में उभरेंगे। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को शिमला स्थित एक निजी स्कूल के स्थापना दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को शिक्षा के समान अवसर प्रदान करना है। इसी दृष्टिकोण के तहत सरकारी विद्यालयों में पहली कक्षा से अंग्रेजी मीडियम शुरू किया गया है तथा 156 सरकारी विद्यालयों को सीबीएसई से संबद्ध किया गया है।
इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और सरकारी विद्यालयों में 24,000 से अधिक विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश शिक्षा के आदर्श केन्द्र के रूप में स्थापित हो रहा है क्योंकि यहां के शैक्षणिक वातावरण में विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए श्रेष्ठ अवसर प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिशप कॉटन स्कूल केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि उत्कृष्टता, नेतृत्व, अनुशासन और चरित्र निर्माण की जीवंत परंपरा का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। परख मूल्यांकन में प्रदेश ने वर्ष 2021 में 21वें स्थान से उल्लेखनीय सुधार करते हुए देश के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में स्थान बनाया है। इसी प्रकार शिक्षा मंत्रालय के परफॉर्मैंस ग्रेडिंग इंडैक्स में प्रदेश सात स्थान की छलांग लगाकर राष्ट्रीय स्तर पर छठा स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री ने विद्यालय के विद्यार्थियों के माऊंटेनियरिंग अभियान-2026 को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान 28 जुलाई से 8 अगस्त तक लेह-लद्दाख में माऊंट यालुंग नोंग (6090 मीटर) तक आयोजित किया जाएगा। इस अभियान में विद्यालय के विद्यार्थी अमोद तलवलकर, लालदिनजुआला, अल्तमाश नोमानी, तेनजिन त्सेवांग, मनराज सिंह ग्रोवर तथा अमन अग्रवाल भाग ले रहे हैं।
विद्यार्थी केवल सफलता प्राप्त करना लक्ष्य न रखें
मुख्यमंत्री ने कहा कि समय परिवर्तनशील है और बदलते समय के साथ-साथ नित नई तकनीकें विकसित हो रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल सफलता प्राप्त करने का लक्ष्य न रखें, बल्कि ऐसे व्यक्तित्व का निर्माण करें जो समाज में सार्थक परिवर्तन ला सके। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज, प्रदेश और राष्ट्र के विकास में अपना योगदान देना चाहिए, यही हमारा ध्येय होना चाहिए।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कुछ लोगों का विशेषाधिकार नहीं
उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कुछ लोगों का विशेषाधिकार नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि यह गर्व का विषय है कि हिमाचल प्रदेश ने 99.30 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ पूर्ण साक्षर राज्य बनने का ऐतिहासिक गौरव प्राप्त किया है। यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि शिक्षा के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

