हिमाचल में मनरेगा एक्ट खत्म, अब विकसित भारत गारंटी मिशन के तहत फ्रैश ज्वाइनिंग करेंगे हजारों कर्मी

punjabkesari.in Saturday, Jul 04, 2026 - 07:08 PM (IST)

शिमला (संतोष): ग्रामीण विकास विभाग ने केंद्र सरकार के फैसले को लागू करते हुए राज्य में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 (मनरेगा) को निरस्त कर अब नया कानून विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 लागू कर दिया है। ग्रामीण विकास विभाग के सचिव सी. पालरासू द्वारा जारी आदेशों के अनुसार मनरेगा के तहत काम कर रहे सभी कर्मचारियों को इस नए मिशन में मर्ज कर दिया गया है।

सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के तहत मनरेगा एक्ट के तहत तैनात स्टाफ के लिए कई बड़े बदलाव किए गए हैं। 1 जुलाई से ग्राम रोजगार सेवक, कम्प्यूटर ऑप्रेटर, जूनियर अकाऊंटैंट, तकनीकी स्टाफ और अन्य सभी श्रेणी के कर्मी अब नए कानून की धारा 21 के तहत ट्रांसफर माने जाएंगे। सभी उद्देश्यों के लिए यह इनकी एक नई नियुक्ति मानी जाएगी। चूंकि मनरेगा के तहत इन कर्मियों की सेवाएं योजना के साथ ही सह-संबद्ध थीं, इसलिए मनरेगा के तहत साल 2007 से 2022 तक जारी की गई सभी पुरानी नीतियां, निर्देश और पत्र 1 जुलाई से स्वतः ही समाप्त हो गए हैं।

सरकार ने साफ किया है कि इन कर्मचारियों की पात्रता, कर्त्तव्य, छुट्टियां, अनुशासनात्मक मामले और सेवा समाप्ति से जुड़े विस्तृत नियम व शर्तें बाद में अलग से अधिसूचित की जाएंगी। जब तक नए नियम जारी नहीं होते, तब तक यह सभी कर्मचारी सुचारू रूप से कार्य करते रहेंगे, ताकि विकास कार्य बाधित न हों। इस आदेश की प्रतियां मुख्य सचिव के निजी सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव, केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव, सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों और सभी जिलों के डीसी व बीडीओ को आगामी कार्रवाई हेतु भेज दी गई हैं।

हिमाचल प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Vijay

Related News