हिमाचल में ड्रग माफिया पर बड़ा प्रहार, 10 जगहों पर एक साथ नष्ट किया ₹13.28 करोड़ का नशा
punjabkesari.in Friday, Jun 26, 2026 - 06:17 PM (IST)
शिमला (राक्टा): अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध एवं अवैध तस्करी निवारण दिवस को हिमाचल में शुक्रवार को एंटी-चिट्टा दिवस के रूप में आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के 10 अलग-अलग स्थानों पर वैज्ञानिक तरीके से 13.28 करोड़ मूल्य के जब्त नशीले पदार्थों को एक साथ नष्ट किया गया। इसकी पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की गई। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में मुख्य सचिव केके पंत ने इस कार्रवाई को फ्लैग ऑफ किया। सचिवालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में मुख्य सचिव केके पंत ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा 15 नवम्बर 2025 को प्रदेशव्यापी 'एंटी-चिट्टा जन आंदोलन' शुरू किया गया था। इसी कड़ी में हिमाचल के इतिहास में यह पहला ऐसा अवसर है, जब संपूर्ण प्रदेश में एक साथ, एक ही समय पर इतनी विशाल मात्रा में नशीले पदार्थों का वैज्ञानिक निस्तारण किया गया।
सरकारी नौकरी के लिए चयनित उम्मीदवारों का होगा डोप टैस्ट
इसी अवसर पर प्रदेश की अत्यधिक प्रभावित पंचायतों में नशा निवारण समितियों की बैठकों का आयोजन भी किया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार ने नशे पर लगाम कसने के लिए एक बेहद अहम और कड़ा फैसला लिया है। अब हिमाचल प्रदेश सरकार में सरकारी नौकरी के लिए चयनित उम्मीदवारों का डोप टैस्ट अनिवार्य कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग इसके लिए आवश्यक पैरामीटर तैयार कर रहा है, जिसकी अधिसूचना जल्द जारी की जाएगी। कुल्लू रेव पार्टी से जुड़े मामले को लेकर मुख्य सचिव ने कहा कि मामला कोर्ट में चल रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि जो भी इनपुट मिलेंगे, उस पर उचित कदम उठाए जाएंगे।

तस्करों की वित्तीय संपत्तियां जब्त करने में हिमाचल देश के टॉप राज्यों में शुमार
एडीजी सीआईडी (एसटीएफ प्रमुख) ज्ञानेश्वर सिंह ने कहा कि पुलिस अब केवल पैडलर्स तक सीमित नहीं है, बल्कि ड्रग माफिया की परतों को उधेड़ते हुए किंगपिन (मुख्य सरगना) को बेनकाब कर रही है। कांगड़ा पुलिस ने एक मामले में 185 यूजर्स तक की चेन को बेनकाब किया। इसी तरह शिमला पुलिस ने भी कई मामलों की परतें खोलते हुए कई तस्करों और मुख्य सप्लायर को बेनकाब किया। उन्होंने कहा कि तस्करों के वित्तीय नैटवर्क को खत्म करने के लिए उनकी संपत्तियों की जांच कर उन्हें जब्त किया जा रहा है। वित्तीय जांच के मामले में हिमाचल देश के टॉप राज्यों में शामिल है।
पीआईटी एनडीपीएस में रिकॉर्ड कार्रवाई
देशभर में पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत होने वाली कुल कार्रवाई का लगभग एक-तिहाई (25 से 30 प्रतिशत) हिस्सा अकेले हिमाचल में हो रहा है, जो पुलिस की सख्त कार्रवाई को दर्शाता है। डीजीपी अशोक तिवारी ने कहा कि शुक्रवार को राज्यव्यापी कार्रवाई ड्रग माफिया के लिए स्पष्ट और कड़ा संदेश है कि हिमाचल में नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हिमाचल में स्थिति शांतिपूर्ण : डीजीपी
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सीमा पर स्थित कुल्हाल बॉर्डर पर सामने आए मामले को लेकर डीजीपी अशोक तिवारी ने कहा कि हिमाचल में स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है। प्रदेश पुलिस, आईबी, उत्तराखंड पुलिस और अन्य एजैंसियों के साथ टच में है। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हिमाचल एक टूरिस्ट स्टेट है और जगह-जगह से पर्यटक आते हैं। उन्होंने साफ किया कि यदि कोई कानून का उल्लंघन करता है तो उस पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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