जिला के मंदिरों में अब हो सकेंगे हवन-यज्ञ, एसओपी का करना होगा पालन

punjabkesari.in Tuesday, Nov 17, 2020 - 10:20 AM (IST)

धर्मशाला (तनुज) : जिला के शक्तिपीठों सहित सभी मंदिरों में अब हवन-यज्ञ किए जा सकेंगे। कोविड-19 वैश्विक महामारी के चलते मंदिरों में बंद किए गए इन अनुष्ठानों को लगभग 7 माह के बाद दोबरा शुरु करने की अनुमति जिला प्रशासन की ओर से जारी कर दी गई है। मंदिरों में हवन-यज्ञ करने के लिए सरकार की एसओपी की पालना भी सुनिश्चित करना होगा। ऐसे में हवन-यज्ञ के दौरान ज्यादा लोग एकत्रित नहीं हो सकेंगे। जिला के समस्त शक्तिपीठों व मंदिरों के पुजारी जिला प्रशासन से मंदिरों में हवन-यज्ञ की अनुमति देने का आग्रह कर रहे थे। कोरोना के चलते मार्च माह के अंत में मंदिरों को बंद किया गया था और हवन-यज्ञ की भी मनाही की गई थी। हालांकि सरकार ने स्टैंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी करके मंदिरों को खोलने की अनुमति पहले ही प्रदान कर दी है। अब मंदिरों में हवन-यज्ञ के लिए भी नियमों के तहत अनुमति प्रदान कर दी गई है। जिला प्रशासन की ओर से बकायदा श्रीज्वालामुखी, श्रीबज्रेश्वरी देवी, श्रीचामुंडा, श्रीशिव मंदिर बैजनाथ, महाकाल मंदिर, भागसूनाग और श्री रामगोपाल मंदिर के अधिकारियों को पत्र जारी किया गया है।

जिला में स्थित शक्तिपीठों व मंदिरों के पुजारी वर्ग की ओर से डीसी कांगड़ा से इस संबंध में आग्रह किया गया था, जिस पर जिला प्रशासन ने मंदिरों में केवल हवन यज्ञ की अनुमति प्रदान कर दी है। जिला प्रशासन ने समस्त मंदिर अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि हवन एवं यज्ञ के आयोजन में राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशानिदेर्शों तथा सुरक्षा मापदंडों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। उधर, उपायुक्त कांगड़ा राकेश कुमार प्रजापति ने बताया कि पुजारी वर्ग द्वारा लगातार मंदिरों में हवन-यज्ञ करने की अनुमति हेतू आग्रह किया जा रहा था। इस पर जिला के समस्त मंदिरों में हवन-यज्ञ की अनुमति प्रदान कर दी गई है। मंदिर अधिकारियों को प्रदेश व केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशानिदेर्शों तथा सुरक्षा मापदंडों की अनुपालना सुनिश्चित करने को कहा गया है।


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Jinesh Kumar

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