Kangra News: "प्रदेश में सुक्खू सरकार की उलटी गिनती शुरू", देहरा BDC में जीत के बाद पूर्व मंत्री ने CM पर साधा निशाना
punjabkesari.in Wednesday, Jul 29, 2026 - 06:44 PM (IST)
देहरा (राजीव): कांगड़ा जिले की देहरा पंचायत समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर भाजपा ने कब्जा जमा लिया है। इस जीत के बाद पूर्व उद्योग मंत्री और जसवां-प्रागपुर के विधायक बिक्रम ठाकुर ने प्रदेश की सुक्खू सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने देहरा में कांग्रेस की इस हार को सीधे तौर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और स्थानीय विधायक कमलेश ठाकुर की हार करार दिया है।
देहरा में आयोजित पत्रकार वार्ता में बिक्रम ठाकुर ने कहा कि भाजपा ने यह चुनाव एक या दो वोटों के मामूली अंतर से नहीं जीता है, बल्कि भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को 15-15 वोट मिले हैं, जबकि कांग्रेस मात्र 8-8 वोटों तक सिमट कर रह गई। उन्होंने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि यह वह विधानसभा क्षेत्र है, जिस पर मुख्यमंत्री सबसे ज्यादा नाज करते हैं, लेकिन यहां की जनता ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि सत्ता का दुरुपयोग और तानाशाही अब सहन नहीं की जाएगी। बिक्रम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार सत्ता का दुरुपयोग करते हुए देहरा के पूर्व विधायक के खिलाफ झूठे मुकद्दमे दर्ज कर उनका राजनीतिक उत्पीड़न कर रही है।
पूर्व मंत्री ने राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था और नशा विरोधी अभियानों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार नशे के खिलाफ ठोस कार्रवाई के दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश के अंदर सरेआम रेव पार्टियां चल रही हैं। बिक्रम ठाकुर ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार में भ्रष्टाचार का बोलबाला है और भाजपा कार्यकर्ताओं को चुन-चुन कर प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि सुक्खू सरकार की उलटी गिनती शुरू हो गई है और देहरा की जनता ने संकेत दे दिया है कि कांग्रेस सरकार की विदाई तय है। उन्होंने कांगड़ा जिला परिषद सहित प्रदेश की अधिकतर पंचायत समितियों और जिला परिषदों में भाजपा के काबिज होने का भी दावा किया।
बिक्रम ठाकुर ने प्रदेश में पेपर लीक प्रकरण को लेकर भी राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामले में सरकार ने असल दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है और अब सिर्फ दिखावे के लिए कैंडल मार्च निकाले जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई की रिपोर्ट सामने आने के बावजूद दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की बजाय उन्हें महत्वपूर्ण पदों पर नवाजा गया है।
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