Mandi: 16 जनवरी की रात बदल जाएगा बाबा भूतनाथ का स्वरूप, 2 क्विंटल मक्खन से होगा महा-श्रृंगार
punjabkesari.in Tuesday, Jan 13, 2026 - 06:03 PM (IST)
मंडी (नीलम): ऐतिहासिक नगरी मंडी के आराध्य देव बाबा भूतनाथ मंदिर में सदियों पुरानी आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम एक बार फिर देखने को मिलेगा। 16 जनवरी तारा रात्रि से भगवान शिवलिंग स्वरूप पर देशी पहाड़ी गाय के शुद्ध मक्खन का लेप चढ़ाने की प्राचीन परंपरा शुरू होने जा रही है। इस धार्मिक अनुष्ठान के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से शुद्ध मक्खन पहुंचने का सिलसिला शुरू हो चुका है।
राजपरिवार के समय से चली आ रही परंपरा
मंदिर के इतिहास के अनुसार वर्ष 1527 से यह परंपरा अटूट रूप से चली आ रही है। प्राचीन काल में रियासत के राजपरिवार द्वारा इस परंपरा का निर्वहन किया जाता था। समय बदलने के साथ अब इस परंपरा में आम श्रद्धालुओं की भी गहरी आस्था जुड़ गई है। आज भी भक्त बड़ी संख्या में श्रद्धाभाव से मक्खन अर्पित करते हैं।
16 जनवरी की मध्यरात्रि से शुरू होगा अनुष्ठान
मक्खन चढ़ाने की प्रक्रिया बेहद विधि-विधान और गुप्त तरीके से पूरी की जाती है। शुक्रवार को ग्रामीणों द्वारा लाए गए मक्खन को मथने और शुद्ध करने की प्रक्रिया पहले पूरी की जाएगी। तारा रात्रि को बाबा भूतनाथ के कपाट बंद होने के बाद विशेष पूजा-अर्चना होगी और भगवान का शयन करवाया जाएगा। मध्यरात्रि (12 बजे) के बाद विधिवत पूजन के साथ शिवलिंग पर मक्खन का लेप चढ़ाया जाएगा। 17 जनवरी (शनिवार) की सुबह जब मंदिर के कपाट खुलेंगे, तो भक्तों को महादेव के एक नए और अलौकिक स्वरूप के दर्शन होंगे।
एक माह तक चलेगा लेप का श्रृंगार
बाबा भूतनाथ मंदिर के महंत देवानंद सरस्वती ने बताया कि यह अनुष्ठान तारा रात्रि से शुरू होकर 14 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान प्रतिदिन मक्खन का लेप बढ़ाया जाएगा। अनुमान है कि इस वर्ष भी शिवरात्रि तक लगभग 2 क्विंटल से अधिक मक्खन शिवलिंग पर चढ़ाया जाएगा। लेप के ऊपर भगवान के विभिन्न रूपों की आकृतियां उकेरी जाती हैं।

