Kangra: बेकाबू होकर घर और दुकानों पर पलटा बजरी से भरा टिप्पर, मंजर देख सहमे लोग
punjabkesari.in Saturday, Jun 06, 2026 - 02:10 PM (IST)
इंदौरा (गगन): हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले स्थित इंदौरा उपमंडल में शनिवार को एक सड़क हादसा सामने आया। यहां मीलवां-बरोटा सड़क मार्ग पर उलेहड़ियां गांव के मुख्य चौक में बजरी से भरा एक टिप्पर अनियंत्रित होकर सीधे एक घर और दुकानों पर जा पलटा। गनीमत यह रही कि इस भयानक हादसे में कोई जानी नुक्सान नहीं हुआ और लोगों की जान बाल-बाल बच गई, लेकिन संपत्ति का भारी नुक्सान हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह करीब 6 बजे पंजाब नंबर का एक टिप्पर मंड भोगरवां स्थित एक स्टोन क्रेशर से बजरी लोड करके पंजाब की ओर जा रहा था। जैसे ही टिप्पर उलेहड़ियां चौक के पास पहुंचा तो चालक वाहन पर से अपना नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते टिप्पर सड़क किनारे स्थित स्थानीय निवासी जोगिंदर सिंह के घर और दुकानों पर पलट गया।
हादसे के दौरान मकान की दीवार भरभरा कर टूट गई और टिप्पर में लदी सारी बजरी घर के आंगन में फैल गई। इसके अलावा दुकानों को भी खासा नुक्सान पहुंचा है। जोरदार धमाके की आवाज सुनकर सुबह-सुबह आसपास के लोगों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई। घटना का मंजर देखकर एक पल के लिए लोग सहम गए। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के बाद चालक की स्थिति सामान्य नहीं लग रही थी। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि चालक या तो अत्यधिक थकान में था या फिर किसी अन्य कारण से वह वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। हालांकि, इस बात की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में भारी रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग पर खनन सामग्री से भरे भारी वाहनों की दिन-रात तेज रफ्तार से आवाजाही लगी रहती है। ज्यादा कमाई और कम समय में अधिक चक्कर लगाने की होड़ में चालक पर्याप्त आराम नहीं करते हैं। यही लापरवाही इस तरह की खतरनाक सड़क दुर्घटनाओं को न्यौता दे रही है।
उलेहड़ियां चौक पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर खनन सामग्री ढोने वाले वाहनों की मॉनिटरिंग और इलाके की सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सहमे हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे वाहनों की गति और चालकों पर सख्त निगरानी रखी जाए और नियमों का सख्ती से पालन करवाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे जानलेवा हादसों को रोका जा सके।
उधर, इस संबंध में एसडीएम इंदौरा सुरिंदर ठाकुर ने कहा कि उनके पूर्व आदेशों के अनुसार क्रेशर से संबंधित वाहन केवल शाम 8 बजे से सुबह 6 बजे तक ही चल सकते हैं। दिन के समय चलने वाले ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस को आदेशों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जा रहे हैं तथा कोई भी खनन मैटीरियल से भरे वाहन दिन में संचालित होते पाए गए तो उसे जब्त किया जाएगा।
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