Shimla: हिमाचल को मिलेंगे विशेषज्ञ चिकित्सक, पलायन रोकने को भी प्लान
punjabkesari.in Saturday, Oct 24, 2026 - 06:34 PM (IST)
शिमला (संतोष): केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल के 6 सरकारी मैडीकल कालेजों में 320 नई पीजी मैडीकल सीटों की स्वीकृति और इसके लिए 415 करोड़ रुपए के अनुदान का निर्णय राज्य के चिकित्सा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा। इस सौगात से हिमाचल को कई प्रमुख लाभ मिलेंगे। इससे विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता होगी। इन नई सीटों के सृजन से सर्जरी, ऑर्थोपैडिक्स, स्त्री रोग, बाल रोग और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़ी संख्या में विशेषज्ञ डाक्टर तैयार होंगे, जिससे अस्पतालों में स्पैशलिस्ट की कमी दूर होगी। 415 करोड़ रुपए की राशि मिलने से मैडीकल कालेजों में आधुनिक उपकरणों, प्रयोगशालाओं और शैक्षणिक संसाधनों का आधुनिकीकरण तेजी से हो सकेगा।
हिमाचल से डाक्टरों का पलायन एक बड़ी समस्या हिमाचल प्रदेश में
सरकारी क्षेत्र से डाक्टरों विशेषकर अनुबंध और सेवारत चिकित्सकों के इस्तीफे और अन्य राज्यों या विदेशों की ओर रुख करने की घटनाएं समय-समय पर चिंता का विषय रही हैं। इसके पीछे मुख्य वजहें दुर्गम व ग्रामीण क्षेत्रों में कठिन कार्य परिस्थितियां, भारी कार्यभार और करियर उन्नति व वित्तीय लाभों में मिलने वाली देरी है। इसके अलावा कई डाक्टर उच्च वेतन पैकेज, बेहतर शोध सुविधाओं और निजी क्षेत्र के अस्पतालों के आकर्षण के चलते सरकारी सेवाएं छोड़ देते हैं। हालांकि, सरकार द्वारा लगातार पद सृजित करने और बॉन्ड शर्तों को कड़ा करने के बावजूद कार्यस्थल पर मिलने वाला मानसिक व शारीरिक तनाव डाक्टरों के पलायन का एक प्रमुख कारण बना हुआ है।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों से विदेश या निजी अस्पतालों में डाक्टरों के पलायन को लेकर राज्य सरकार या स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई आधिकारिक या निश्चित समग्र आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया गया है। हालांकि चिकित्सा विशेषज्ञों और एसोसिएशन के अनुसार दुर्गम क्षेत्रों में कठिन कार्य परिस्थितियों, भारी कार्यभार, समय पर पदोन्नति न मिलने और आकर्षक वेतन पैकेजों के अभाव के चलते प्रतिवर्ष कुछ डाक्टर सरकारी सेवाएं छोड़कर निजी क्षेत्र या विदेश का रुख करते हैं।
पलायन रोकने को सरकार ने उठाए कई कदम : सिंघमार
स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंघमार ने कहा कि निश्चित रूप से पीजी सीटें बढ़ने से विशेषज्ञ डाक्टर तैयार होंगे, जिससे राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी और लोगों को घर-द्वार पर ही बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध होंगी। बढ़ी हुई सीटों के हिसाब से 4.80 करोड़ रुपए अतिरिक्त भी मुहैया होंगे। उन्होंने कहा कि डाक्टरों के पलायन पर लगाम लगाने के लिए ही प्रदेश सरकार ने सरकारी डाक्टरों की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा में राहत देने जैसे कदम उठाए हैं और इंसैंटिव रिवाइज करने जैसी समस्याओं का समाधान निकाला जा रहा है और विषम परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जा रहा है।

