Shimla: हिमाचल के कालेजों में अब सीखेंगे एडवांस इंगलिश, जर्मन और जापानी भाषा
punjabkesari.in Sunday, Oct 18, 2026 - 09:54 PM (IST)
शिमला (प्रीति): हिमाचल के डिग्री कालेजों में विद्यार्थियों को विदेशी भाषाएं सिखाने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रदेश सरकार की योजना के तहत पहले चरण में कालेजों में एडवांस इंगलिश, जर्मन और जापानी भाषा की पढ़ाई शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। इस दिशा में शिमला कलस्टर के 4 कालेजों में विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इनमें विद्यार्थियों को विदेशी भाषाएं सीखने के फायदे और भविष्य में मिलने वाले अवसरों के बारे में जानकारी दी गई।
सरकार के निर्देशों पर शिक्षा विभाग ने कालेजों में एक कंसल्टैंट कंपनी ईबैक (ईबीईके- लैंग्वेज लैबोरेटरी हब) के सहयोग से यह ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किए। इस दौरान शिमला कलस्टर के 4 कालेजों में विद्यार्थियों को अंग्रेजी, जर्मन और जापानी भाषा सीखने के महत्व की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि विदेशी भाषाओं का ज्ञान पर्यटन, आतिथ्य सत्कार, उच्च शिक्षा, अंतर्राष्ट्रीय कारोबार और बहु-राष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने में सहायक हो सकता है।
इसके अलावा विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, इंटर्नशिप और विदेश में पढ़ाई की संभावनाओं से भी अवगत करवाया गया। सरकार पहले चरण में एडवांस इंगलिश, जर्मन और जापानी भाषा सिखाने की योजना बना रही है। जर्मनी में उच्च शिक्षा हासिल करने की योजना बनाने वाले विद्यार्थियों के लिए जर्मन भाषा उपयोगी हो सकती है। वहीं, जापानी भाषा का ज्ञान जापान में शिक्षा, रोजगार और अन्य व्यावसायिक अवसरों के लिहाज से मददगार साबित हो सकता है।
बजट घोषणा में शामिल है योजना
प्रदेश सरकार ने इस वर्ष की बजट घोषणा में कालेजों में विदेशी भाषाओं की पढ़ाई शुरू करने की योजना शामिल की है। इसी के तहत प्रारंभिक स्तर पर विद्यार्थियों को जागरूक करने की गतिविधियां शुरू की गई हैं। ओरिएंटेशन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को इन भाषाओं के महत्व, उनके उपयोग और भविष्य में संभावित अवसरों की जानकारी दी जा रही है।
कालेजों के बाद ओपन सैंटर शुरू करने की भी संभावना
सूत्रों के अनुसार डिग्री कालेजों में विदेशी भाषाओं की पढ़ाई शुरू करने के बाद सरकार ओपन सैंटर स्थापित करने की संभावनाओं पर भी विचार कर सकती है। ऐसा होने पर कालेजों के विद्यार्थियों के अलावा अन्य इच्छुक लोगों को भी विदेशी भाषाएं सीखने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, ओपन सैंटर शुरू करने को लेकर अभी अंतिम निर्णय होना बाकी है।
फीस और अन्य नियम तय करेगी सरकार
विदेशी भाषा पाठ्यक्रमों के संचालन, फीस स्ट्रक्चर और संबंधित व्यवस्थाओं को लेकर अंतिम निर्णय प्रदेश सरकार की ओर से लिया जाएगा। फिलहाल कालेजों में ओरिएंटेशन कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों को योजना के प्रति जागरूक किया जा रहा है। सरकार की मंजूरी के बाद ही पाठ्यक्रमों को शुरू करने और उनसे जुड़ी अन्य शर्तों की स्थिति स्पष्ट होगी।

