हिमाचल में धमकी देना पड़ेगा भारी, धारा 351 के तहत अपराध अब गैर-जमानती
punjabkesari.in Saturday, Apr 25, 2026 - 11:28 PM (IST)
शिमला (ब्यूरो): सरकार ने राज्य में कानून व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने नए कानून भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 351 (जो पहले भारतीय दंड संहिता यानी आईपीसी की धारा 506 थी) के तहत आने वाले अपराधों को अब पूरे प्रदेश में संज्ञेय और गैर-जमानती घोषित कर दिया है। गृह विभाग (अनुभाग-सी) द्वारा इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। यह निर्णय दंड विधि संशोधन अधिनियम, 1932 की धारा 10 की उप-धारा (1) और (2) के तहत मिलीं शक्तियों का प्रयोग करते हुए लिया गया है। अपराध के संज्ञेय होने का अर्थ है कि पुलिस अब इस धारा के तहत आरोपी को बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकेगी।
गैर-जमानती श्रेणी में आने के कारण अब इस अपराध के आरोपियों को थाने से जमानत नहीं मिलेगी, उन्हें कोर्ट की प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। यह धारा आपराधिक धमकी से संबंधित है, जिसे पहले आईपीसी की धारा 506 के रूप में जाना जाता था। अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), कमलेश कुमार पंत के आदेश से जारी इस अधिसूचना की प्रतियां भारत सरकार के गृह सचिव, हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक, जेल महानिदेशक और सभी संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी गई हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से हिमाचल प्रदेश की क्षेत्रीय सीमाओं के भीतर लागू माना जाएगा।

