Shimla: हाईकमान से चर्चा के बाद ही होगा कैबिनेट विस्तार और फेरबदल पर फैसला : सुक्खू
punjabkesari.in Sunday, Oct 18, 2026 - 08:28 PM (IST)
शिमला (भूपिन्द्र): प्रदेश में सरकार के 4 वर्ष पूरे होने से पहले सरकार और संगठन में नियुक्तियों की सरगर्मी तेज हो गई है। दिल्ली से लौटने के बाद रविवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कैबिनेट विस्तार को लेकर कहा कि सरकार के 4 साल पूरे होने में अभी समय है। अब तक 3 साल, 10 महीने और 7 दिन पूरे हुए हैं। सरकार हर दिन फैसले ले रही है। उन्होंने संकेत दिए कि 4 साल पूरे होने से पहले कैबिनेट विस्तार व फेरबदल किया जाना है, लेकिन इस संबंध में हाईकमान से बातचीत के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एस.आई.आर. के मुद्दे पर दिल्ली में बड़ी रैली होने जा रही है। इसमें इंडिया गठबंधन के सभी दल एकजुट होंगे। उन्होंने बताया कि उन्हें और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार को दिल्ली बुलाया गया था। रैली के संबंध में आगे की जानकारी सांझा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष की भूमिका जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना और उनके खिलाफ आवाज बुलंद करना है। देश में कांग्रेस मुख्य विपक्षी पार्टी है और राहुल गांधी इसके नेता हैं।
जरूरत के मुताबिक नए जिले बनाने के साथ मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था में भी बदलाव किया जा सकता है
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष चुनौतियों की बात करता है, लेकिन चुनौतियों का सामना वही करते हैं, जिनमें उनका सामना करने की हिम्मत होती है। प्रदेश सरकार हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। नए जिलों के गठन को लेकर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जन सुविधा एवं प्रशासनिक दक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदेश में विभिन्न प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन के लिए एक आयोग का गठन किया है।
आयोग प्रदेश के सभी जिलों, तहसीलों और ब्लॉक की भौगोलिक स्थिति तथा प्रशासनिक जरूरतों की समीक्षा करेगा। आयोग द्वारा विस्तृत अध्ययन करने के उपरान्त रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत की जाएगी और उसके अनुसार निर्णय लिया जाएगा। जरूरत के मुताबिक नए जिले बनाने के साथ मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था में भी बदलाव किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि आयोग के दो सदस्यों ने कार्यभार संभाल लिया है।
एसआईआर का 2027 के चुनावों पर असर पड़ने का किया दावा
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इसका असर हिमाचल प्रदेश के वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों में भी देखने को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि किसी विधानसभा क्षेत्र में दो से तीन हजार वोट कटने से चुनाव का परिणाम प्रभावित हो सकता है। मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि गलत कार्यों के खिलाफ आवाज उठाना और जनता को जागरूक करना विपक्ष की जिम्मेदारी है।
संगठन में 50 से 60 सचिव और महासचिव बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे से लौटने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार, बोर्ड-निगमों में अध्यक्षों व उपाध्यक्षों की नियुक्तियों के अलावा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) में नए पदाधिकारियों की तैनाती को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। दिल्ली में उनकी कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व, विशेषकर संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल के साथ हुई मुलाकात के बाद प्रदेश कांग्रेस संगठन में भी नई नियुक्तियों की चर्चाएं हैं। पीसीसी में 50 से 60 सचिव और महासचिव बनाए जाने हैं। ऐसे में जल्द ही संगठन में सचिवों और अन्य पदाधिकारियों की नियुक्तियां हो सकती हैं।

