Shimla: डिपुओं में अब सरसों तेल की पेटी में 12 लीटर की जगह मिला 11 लीटर तेल
punjabkesari.in Monday, Aug 10, 2026 - 05:22 PM (IST)
शिमला (ब्यूरो): सस्ते राशन के डिपुओं मेें आटा व चावल की कम सप्लाई के बाद अब डिपुओं में सरसों तेल की कम सप्लाई का मामला सामने आया है। ये मामला जिला कुल्लू के बंजार स्थित एक डिपो में आया है। वहीं इस मामले को डिपो संचालक समिति ने प्रमुखता से उठाया है। डिपो संचालक समिति के अनुसार जिला कुल्लू के बंजार ब्लॉक में खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम की ओर से डिपुओं को भेजी जा रही खाद्य सामग्री की सप्लाई को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। डिपो संचालकों का आरोप है कि निगम के गोदामों से भेजे जा रहे खाद्य तेल में भी कमी सामने आ रही है। 12 लीटर की जगह जांच करने पर करीब 11 लीटर ही तेल निकलने की शिकायत सामने आई है।
समिति अध्यक्ष अशोक कवि ने कहा कि इससे पहले भी गत माह खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के गोदामों से डिपुओं में पहुंच रहे राशन की मात्रा कम होने की शिकायत सरकार और संबंधित विभाग से की गई थी। शिकायत के बाद निदेशक खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले तथा प्रबंध निदेशक खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम की ओर से निगम के गोदाम प्रभारियों को डिपो धारकों को राशन तोलकर और निर्धारित मात्रा के अनुसार देने के कड़े निर्देश जारी किए गए थे। लेकिन गोदामों से डिपुओं तक कम राशन पहुंचने का सिलसिला पूरी तरह थमा नहीं है।
अब खाद्य तेल की मात्रा में कमी की शिकायत ने व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। डिपो संचालकों ने मांग की है कि गोदामों से डिपुओं तक भेजी जाने वाली खाद्य सामग्री की मात्रा की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और यदि कहीं निर्धारित मात्रा से कम सामग्री भेजी जा रही है तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि राशन की मात्रा में कमी का सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ता है और इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। डिपो संचालकों ने सरकार व विभाग से पूरे मामले की जांच करवाकर निर्धारित मात्रा में राशन व खाद्य तेल उपलब्ध करवाने की मांग की है।
डिपो संचालक ने बनाया कम पैकिंग वीडियो, निगम एमडी व विभाग निदेशक को भेजा जाएगा
समिति अध्यक्ष ने कहा कि संबंधित डिपो संचालक ने सरसों तेल की नई पेटी का वीडियो भी बनाया है। जिसको देखा जा सकता है कि नई पेटी से 11 ही पैकेट मिले हैं। अशोक कवि ने कहा कि इस संबंध में निगम एमडी व विभाग निदेशक को लिखित में शिकायत दी जाएगी। वहीं यह वीडियो भी विभाग व निगम के अधिकारियों से सांझा किया जाएगा।

