Shimla: चिट्टे की खेप के साथ गिरफ्तार आरोपियों की जमानत रद्द
punjabkesari.in Friday, Jul 31, 2026 - 09:55 PM (IST)
शिमला (मनोहर): हाईकोर्ट ने चिट्टे की तस्करी से जुड़े एक गंभीर मामले में महत्वपूर्ण कानूनी व्यवस्था दी है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि व्यावसायिक मात्रा से जुड़े मामलों में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37 के कड़े प्रावधानों को दरकिनार नहीं किया जा सकता। न्यायाधीश विरेंदर सिंह ने राज्य सरकार की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका और स्वतः संज्ञान लेने वाली याचिका का निपटारा करते हुए निचली अदालत द्वारा आरोपियों को दी गई जमानत के आदेशों को रद्द कर दिया है।
यह पूरा मामला कोटखाई पुलिस स्टेशन (जिला शिमला) में दर्ज एफआईआर से संबंधित है। 18 सितम्बर 2024 को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने खड़ापत्थर के पास एक टैक्सी को रोककर तलाशी ली थी। इस दौरान आरोपी मुदस्सिर अहमद मोची के पास से 468.380 ग्राम चिट्टा/हैरोइन बरामद की गई थी, जो कानूनन व्यावसायिक मात्रा की श्रेणी में आती है। जांच में अंतर्राज्यीय ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ था।
पुलिस जांच और वित्तीय लेनदेन के विश्लेषण से एक बड़े नैटवर्क का खुलासा भी हुआ। इस सिंडिकेट में स्थानीय युवाओं और छोटे पैडलर्स (जैसे दीपक शर्मा, हरिंदर मांटा व अन्य) को भी शामिल किया गया था, जिन्हें उपभोग के लिए मुफ्त चिट्टा दिया जाता था। निचली अदालत ने एक मामले में जमानत आदेश पर स्वतः संज्ञान लिया, जबकि दूसरे मामले में सरकार ने पुनर्विवेचना याचिका दायर की।
हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा 1 जनवरी 2025 और 29 मार्च 2025 को जारी जमानत के आदेशों को रद्द कर दिया है। अदालत ने मामले को वापस विशेष अदालत को वापस करते हुए निर्देश दिया है कि रिकॉर्ड मिलने के एक महीने के भीतर इन जमानत अर्जियों पर कानून के मानदंडों के तहत नए सिरे से फैसला लिया जाए। तब तक अंतरिम तौर पर आरोपियों पर जमानत शर्तें लागू रहेंगी।

