Mandi: जयराम ठाकुर ने साधा निशाना, बोले-मरीजों की जेब पर डाका डाल प्रदेश की आर्थिकी मजबूत करना चाह रहे CM सुक्खू

punjabkesari.in Thursday, May 21, 2026 - 07:54 PM (IST)

मंडी (रजनीश): मित्रों को समर्पित सुक्खू सरकार मरीजों को प्रताड़ित करने और अपने भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है। सत्ता संभालने के बाद से ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मरीजों की जेब पर डाका डालकर प्रदेश की आर्थिकी को मजबूत करना चाह रहे हैं, जो बेहद शर्मनाक है। ये बातें पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने वीरवार को मंडी में कहीं। हालांकि उन्होंने माननीय न्यायपालिका द्वारा सरकार के गलत और जनविरोधी फैसलों पर रोक लगाने के निर्णयों का स्वागत किया है। नेता प्रतिपक्ष ने आईजीएमसी में मरीजों के भोजन शुल्क में हुई भारी बढ़ौतरी को लेकर कहा कि अस्पताल में इलाज करवाने आने वाले गरीब मरीजों का भोजन शुल्क सीधे 14 रुपए से बढ़ाकर 50 रुपए कर दिया गया है तथा दूध की मात्रा को घटाकर महज आधा गिलास कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मैस को ठेके पर सौंपने के फैसले से किन्नौर, चम्बा, सिरमौर, कुल्लू और मंडी जैसे दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले गरीब परिवारों का बजट बिगड़ जाएगा।

भ्रष्टाचार को छिपाने की मुख्यमंत्री की एक और बड़ी कोशिश नाकाम

जयराम ठाकुर ने कहा कि भ्रष्टाचार को छिपाने की मुख्यमंत्री की एक और बड़ी कोशिश नाकाम हो गई है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने स्टेट विजिलैंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो को सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के दायरे से बाहर करने की राज्य सरकार की 12 मार्च की अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार आए दिन ऐसे फैसले लेती है जिनका कोई संवैधानिक आधार नहीं होता, इसीलिए न्यायालय को बार-बार हस्तक्षेप करना पड़ता है। वर्ष 2024 में दर्ज भ्रष्टाचार के मामलों को दबाने के लिए आरटीआई कानून का उल्लंघन किया जा रहा था।

सरकार नियमों को ताक पर रखकर कर रही काम

जयराम ठाकुर ने भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे एक अधिकारी को 1 अक्तूबर, 2025 को मुख्य सचिव पद का अतिरिक्त कार्यभार सौंपने पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय व केंद्रीय सिविल सेवा नियमों के तहत किसी भी संवेदनशील पद पर नियुक्ति से पहले विजिलैंस क्लीयरैंस अनिवार्य होती है, मगर यह सरकार नियमों को ताक पर रखकर काम कर रही है। इस मामले पर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार, केंद्र सरकार और मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

 

हिमाचल प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Vijay

Related News