Mandi: आचार संहिता के बीच कैबिनेट बैठक बुलाने पर जयराम ठाकुर ने घेरी सुक्खू सरकार, लगाए ये गंभीर आरोप

punjabkesari.in Saturday, May 23, 2026 - 02:49 PM (IST)

मंडी (रजनीश): नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी में प्रैस वार्ता करते हुए वर्तमान कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी पराजय को देखते हुए बौखला गई है और हार के डर से आदर्श आचार संहिता की धज्जियां उड़ाकर चुनावों को प्रभावित करने के लिए हरसंभव हथकंडे अपना रही है। भाजपा ने स्पष्ट किया है कि सरकार की इन मनमानियों के खिलाफ वे राज्य चुनाव आयोग और राज्यपाल का दरवाजा खटखटाएंगे।

कैबिनेट बैठक के बाद ऑफ द रिकॉर्ड बताईं चुनावी घोषणाएं

जयराम ठाकुर ने सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में इस वक्त पंचायती राज और स्थानीय निकायों के चुनाव चल रहे हैं। 26, 28 और 30 मई को क्रमशः पहले और दूसरे चरण का मतदान होना है। ऐसे समय में कैबिनेट की बैठक बुलाकर लोकलुभावन फैसले लेना सीधेतौर पर आचार संहिता का उल्लंघन और जनादेश को प्रभावित करने का प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को नियमित ब्रीफिंग तो दी गई, लेकिन पर्दे के पीछे से पत्रकारों को ऑफ द रिकॉर्ड जाकर चुनावी घोषणाएं बताई गईं। जयराम ने सवाल उठाया कि अगर सरकार की नीयत साफ थी, तो ये फैसले चुनाव के बाद या आचार संहिता लागू होने से पहले क्यों नहीं लिए गए?

महिलाओं के 1500 रुपए और वर्करों के मानदेय में वृद्धि चुनावी शिगूफा

जयराम ठाकुर ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए देने का वायदा किया था। सरकार 3 साल तक सोई रही, लेकिन अब चुनावों के ठीक बीच में 2 लाख रुपए से कम आय वाली महिलाओं को यह राशि देने का चुनावी शिगूफा छोड़ा गया है। इसके अलावा, पार्ट-टाइम वर्करों के मानदेय में 500 रुपए की बढ़ौतरी को बजट घोषणा बताकर इस वक्त लागू किया जा रहा है ताकि मतदाताओं को लुभाया जा सके। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व में भी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान 10 लाख से अधिक फॉर्म भरवाकर जनता को गुमराह किया गया था।

प्रोफैसरों की रिटायरमैंट एज बढ़ाना सोची-समझी साजिश

मेडिकल कॉलेज के प्रोफैसरों की सेवानिवृत्ति की आयु 62 से बढ़ाकर 63 वर्ष करने के फैसले पर भी भाजपा ने तीखा हमला बोला। जयराम ठाकुर ने इसे सरकार की सोची-समझी साजिश करार देते हुए आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार वर्तमान में अपनी वित्तीय देनदारियों से बचना चाहती है। सरकार की मंशा है कि इसका आर्थिक बोझ अगली सरकार पर पड़े, जो एक या डेढ़ साल बाद बनने वाली है। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ गारंटियों का ढोल पीट रही है, वहीं दूसरी तरफ जनता की जेब काट रही है।

जीते हुए प्रत्याशियों को धमकाने का आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत और नगर परिषद के चुनावों में भाजपा समर्थित और निर्दलीय प्रत्याशी बड़ी संख्या में जीतकर आए हैं। अब सरकार इन जीते हुए जनप्रतिनिधियों पर पुलिस, प्रशासन और विजिलैंस का खौफ दिखाकर कांग्रेस में शामिल होने का दबाव बना रही है। उन्हें झूठे केस दर्ज करने, जांच बिठाने और उनके नौकरीपेशा रिश्तेदारों के तबादले करने की धमकियां दी जा रही हैं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रही सरकार 

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया 31 मई तक पूरी होनी अनिवार्य है। इसका मतलब सिर्फ मतगणना नहीं, बल्कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव संपन्न कराना भी है, लेकिन हार के डर से सुक्खू सरकार जानबूझकर अधिसूचना जारी नहीं कर रही है, ताकि उन्हें जोड़-तोड़ और खरीद-फरोख्त के लिए अतिरिक्त समय मिल सके। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के ही एक दिवंगत वरिष्ठ नेता के पुराने बयान का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री पर तंज कसा कि सुक्खू जी काम नहीं करते, वे सिर्फ दो चीजें करते हैं।

विदाई की उलटी गिनती शुरू, 31 मई को होगा भाजपा का पूर्ण बहुमत

नेता प्रतिपक्ष ने साफ किया कि उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर राज्य चुनाव आयोग में आधिकारिक शिकायत दर्ज करा दी है। जरूरत पड़ने पर वे राज्यपाल से मिलकर मुख्यमंत्री और उनके सहयोगियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे। भाजपा नेतृत्व ने दावा किया है कि नगर परिषद और नगर पंचायत में भाजपा को भारी बढ़त मिली है और 31 मई को आने वाले नगर निगम, ब्लॉक समिति और जिला परिषद के नतीजों में भी भाजपा पूर्ण बहुमत से जीतेगी। उन्होंने दावा किया कि हिमाचल की जनता ने इस चुनाव के माध्यम से कांग्रेस सरकार की विदाई की उलटी गिनती शुरू कर दी है।

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Content Writer

Vijay

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