Shimla: राष्ट्रीय स्तर पर चमका हिमाचल, समय से पहले पूरी की प्रमुख एवं मध्यम सिंचाई गणना...केंद्र से मिला सम्मान

punjabkesari.in Wednesday, Mar 25, 2026 - 08:03 PM (IST)

शिमला (संतोष): हिमाचल के जल शक्ति विभाग ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का मान बढ़ाया है। भारत सरकार ने सिंचाई गणना (2023-25) के तहत प्रमुख एवं मध्यम सिंचाई (एमएमआई) गणना को सफलतापूर्वक और समय सीमा से पहले पूर्ण करने के लिए हिमाचल प्रदेश को सम्मानित किया है। नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने यह पुरस्कार प्रदेश के जल शक्ति सचिव डॉ. अभिषेक जैन को प्रदान किया। बुधवार को शिमला में मुख्य सचिव संजय गुप्ता और सचिव डा. अभिषेक जैन ने यह प्रतिष्ठित पुरस्कार मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि डाटा आधारित सटीक योजना से ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय को सुदृढ़ किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 के बजट में भी सिंचाई क्षेत्र को मजबूत करने की सरकार की प्रतिबद्धता साफ झलकती है।

निर्धारित समय से पहले हासिल किया लक्ष्य
हिमाचल प्रदेश ने इस गणना कार्य को दिसम्बर 2025 की समय सीमा से पहले अक्तूबर 2025 में ही पूरा कर लिया है। इस गणना के मुख्य आकर्षण में प्रदेश की 10 परियोजनाओं (1 प्रमुख और 9 मध्यम) को शामिल किया गया है। इनमें से 8 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 2 निर्माणाधीन हैं। 32 विभिन्न मानकों पर डाटा जुटाया गया, जिसमें सिंचाई क्षमता, फसल पैटर्न और जल उपयोग जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। गणना के अनुसार प्रदेश की मध्यम सिंचाई परियोजनाओं में क्षमता का 84 प्रतिशत उपयोग हो रहा है, जबकि प्रमुख परियोजनाओं में यह आंकड़ा 64 प्रतिशत है। वर्तमान में ये सभी 10 परियोजनाएं बाढ़ सिंचाई पद्धति पर आधारित हैं और खरीफ व रबी की फसलों के लिए जीवनदायिनी सिद्ध हो रही हैं।

क्या है एमएमआई गणना?
एमएमआई गणना का उद्देश्य सिंचाई का एक व्यापक राष्ट्रीय डाटाबेस तैयार करना है। 10,000 हैक्टेयर से अधिक सिंचित क्षेत्र वाली परियोजनाओं को प्रमुख और 2,000 से 10,000 हैक्टेयर वाली परियोजनाओं को मध्यम श्रेणी में रखा जाता है।


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Kuldeep

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