हिमाचल पुलिस प्रमुख का कड़ा संदेश, बोले-अपराधियों का साथ दिया या लापरवाही बरती तो नहीं मिलेगी माफी, उठाए जाएंगे सख्त कदम
punjabkesari.in Tuesday, Apr 07, 2026 - 07:12 PM (IST)
शिमला (राक्टा): हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ जारी अभियान के तहत पुलिस विभाग ने जीरो टॉलरैंस नीति अपनाते हुए अपने ही महकमे में कड़ी कार्रवाई की है। चालू वर्ष में अब तक 16 पुलिस कर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। इन कर्मचारियों पर नशा तस्करों से सांठगांठ करने और एनडीपीएस एक्ट के तहत संलिप्तता के गंभीर आरोप थे। यह जानकारी प्रदेश पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने मंगलवार को शिमला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सांझा की है। डीजीपी ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा चिट्टे के खिलाफ शुरू किए गए जन आंदोलन के अब सार्थक परिणाम सामने आने लगे हैं।
पुलिस कर्मियों को कड़े शब्दों में दी चेतावनी
पुलिस विभाग में कर्मचारियों की संलिप्तता से जुड़े एक सवाल के जवाब में डीजीपी ने बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हाथ की पांचों उंगलियां बराबर नहीं होतीं और परिवार के सभी सदस्य सज्जन नहीं होते, उसी तरह महकमे में भी दुर्भाग्यवश कुछ लोग गलत राह पर चले जाते हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए दोहराया कि यदि कोई भी पुलिस कर्मी नशा तस्करों को बढ़ावा देता है या स्वयं इस धंधे में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ बिना किसी रियायत के सख्त कदम उठाए जाएंगे।
नशे के खिलाफ 3 स्तरीय रणनीति पर काम कर रही पुलिस
एक अन्य सवाल के जबाव में डीजीपी ने जानकारी दी कि प्रदेश में नशे की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस एक 3 स्तरीय रणनीति पर काम कर रही है। इसके तहत सबसे पहले युवाओं को जागरूक करने का काम किया जा रहा है। दूसरे स्तर पर नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है और तीसरे स्तर पर नशे के शिकार हो चुके लोगों के लिए डी-एडिक्शन (नशामुक्ति) व रिहैबिलिटेशन (पुनर्वास) की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस लड़ाई में पुलिस की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और अपराध में भागीदारी या किसी भी प्रकार की लापरवाही को सहन नहीं किया जाएगा।
चेस्टर हिल मामले में संबंधित विभाग कर रहे कार्रवाई
राजधानी के बहुचर्चित चेस्टर हिल मामले को लेकर मीडिया द्वारा पूछे गए सवाल पर डीजीपी ने सधी हुई प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस मामले पर अभी कोई भी टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। वर्तमान में संबंधित विभाग इस पर आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि राज्य सरकार इस मामले में पुलिस को कोई भी जिम्मेदारी सौंपती है, तो उसे पूरी निष्ठा के साथ निभाया जाएगा।

