बिना अनुमति लिफ्ट और एस्केलेटर्स लगाया तो होगी ये कार्रवाई, विधानसभा में विधेयक पेश

punjabkesari.in Thursday, Apr 02, 2026 - 12:56 PM (IST)

हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश में पर्यटन के विस्तार के साथ-साथ होटलों और इमारतों में लिफ्ट, एस्केलेटर्स और ट्रैवलेटर्स का चलन बढ़ रहा है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने इनकी सुरक्षा और संचालन को व्यवस्थित करने के लिए 'हिमाचल प्रदेश लिफ्ट संशोधन विधेयक-2026' विधानसभा में पेश किया है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह द्वारा लाए गए इस बिल का मुख्य उद्देश्य इन सुविधाओं को एक कानूनी ढांचे के भीतर लाना है ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

बिना अनुमति लिफ्ट लगाने पर लगेगा भारी जुर्माना

नए कानून के तहत अब होटलों या अन्य ऊँची इमारतों में मनमर्जी से लिफ्ट या एस्केलेटर्स नहीं लगाए जा सकेंगे। इन्हें स्थापित करने से पहले सरकार से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। यदि कोई बिना मंजूरी के इन्हें लगाता है, तो उस पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वर्तमान में प्रदेश में 1500 से अधिक लिफ्ट काम कर रही हैं, जिन्हें अब नए सुरक्षा मानकों और लाइसेंसिंग प्रक्रिया के दायरे में आना होगा।

सुरक्षा मानक और तकनीकी जांच

विधेयक के अनुसार, लिफ्ट लगाते समय उसकी क्षमता, गति और तकनीकी सुरक्षा मानकों की पूरी जानकारी सरकार को देनी होगी। इसके अलावा, समय-समय पर लाइसेंस का नवीनीकरण (रिन्यूअल) कराना भी जरूरी होगा। सरकारी निरीक्षकों को यह अधिकार दिया गया है कि वे किसी भी परिसर में जाकर जांच कर सकें। यदि जांच के दौरान सुरक्षा मानकों में कोई कमी पाई जाती है, तो निरीक्षक तुरंत उस लिफ्ट या एस्केलेटर का संचालन बंद करने का आदेश दे सकते हैं।

हादसों की जिम्मेदारी और बीमा अनिवार्य

यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस विधेयक में बीमा कवरेज को अनिवार्य बनाया गया है। यदि सुरक्षा में लापरवाही के कारण कोई दुर्घटना होती है, तो इसके लिए संबंधित ऑपरेटर और कंपनी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इन कड़े नियमों का उद्देश्य न केवल पर्यटन को बढ़ावा देना है, बल्कि स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को एक सुरक्षित और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराना भी है।


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Content Editor

Jyoti M

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