Kangra: धर्मशाला सिंथैटिक ट्रैक में मिले इंजैक्शन व शराब की बोतलें

punjabkesari.in Tuesday, Oct 27, 2026 - 09:30 PM (IST)

धर्मशाला (सुनील/नितिन): अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाओं के लिए अपनी खास पहचान रखने वाले धर्मशाला स्थित सिंथैटिक ट्रैक परिसर में शौचालय के पास परफॉर्मैंस इन्हांसिंग ड्रग्स के इंजैक्शन और कूल लिप के खाली पाऊच मिलने से सनसनी फैल गई है। इस ट्रैक में संदिग्ध परिस्थितियों में इस खाली पड़े इंजैक्शनों के मिलने से कई प्रकार के सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। मामला सामने आने के बाद जिला खेल एवं सेवा विभाग भी हरकत में आ गया है और यह इंजैक्शन कहां से आए, कौन इसका इस्तेमाल कर रहा है, इसकी जांच शुरू कर दी है। ताज्जुब की बात यह है कि इन दिनों इस स्टेडियम में 67वीं राज्य स्तरीय अंडर-19 एथलैटिक्स मीट का आयोजन चल रहा है, जिसमें प्रदेश भर से आए सैंकड़ों छात्र-छात्राएं हिस्सा ले रहे हैं।

इसके अलावा रोजाना सुबह-शाम दर्जनों स्थानीय युवा भी सेना और पुलिस भर्ती की तैयारी के लिए यहां अभ्यास करते हैं। इतनी महत्वपूर्ण प्रतियोगिता और युवाओं की आवाजाही के बीच परिसर में आपत्तिजनक सामग्री का मिलना खेल प्रेमियों व अभिभावकों की चिंता बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो परफॉर्मैंस इन्हांसिंग ड्रग्स के इस्तेमाल से खिलाड़ी अपनी शारीरिक क्षमता को कृत्रिम रूप से बढ़ाते हैं, जो न केवल खेल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि खिलाड़ियों के स्वास्थ्य के लिए भी बेहद खतरनाक है। पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे स्थापित होने के बावजूद इस तरह की संदिग्ध सामग्री मिलना सीधे तौर पर निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

खेल परिसर में मिली खाली शराब की बोतलें व कूल लिप
सिंथैटिक ट्रैक जैसे अनुशासित स्थान पर शराब की खाली बोतलें और कूल लिप के रैपर पड़े होना व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। खेल परिसर को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत माना जाता है, लेकिन वहां इस तरह की सामग्रियां मिलना न केवल स्वच्छता की अनदेखी को दर्शाता है, बल्कि अभ्यास करने आने वाले युवा खिलाड़ियों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। खेल प्रेमियों का कहना है कि प्रशासन को तुरंत संज्ञान लेकर पूरे परिसर की सफाई व्यवस्था और सुरक्षा निगरानी को दुरुस्त करना चाहिए।

देशभर के एथलीटों की पहली पसंद है धर्मशाला का ट्रैक
धर्मशाला का सिंथैटिक ट्रैक अपनी भौगोलिक स्थिति और अनुकूल जलवायु के कारण देशभर के एथलीटों के बीच बेहद लोकप्रिय है। यहां की शुद्ध हवा और मध्यम तापमान में अभ्यास करने से धावकों का स्टैमिना तेजी से विकसित होता है, जिसके चलते राष्ट्रीय शिविरों से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी यहां महीनों डेरा जमाते हैं। खिलाड़ी यहां अभ्यास करने के लिए निर्धारित शुल्क का भुगतान भी करते हैं, लेकिन परिसर की सुरक्षा में सेंध लगने से बाहर से आने वाले खिलाड़ियों के मन में भी सुरक्षा और खेल की पारदर्शिता को लेकर संशय पैदा हो रहा है।

जिला खेल अधिकारी कांगड़ा रविशंकर का कहना है कि यह मामला मेरे ध्यान में लाया गया है और इसकी गंभीरता से जांच की जाएगी। स्टेडियम परिसर की व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जो भी ठोस कदम होने चाहिए, वे जल्द उठाए जाएंगे।

एसपी कांगड़ा कुलभूषण वर्मा का कहना है कि पुलिस अपने स्तर पर पूरे स्पोर्ट्स काम्पलैक्स की कड़ी चैकिंग करेगी और गश्त बढ़ाएगी। चूंकि यह परिसर खेल विभाग के अधीन आता है, इसलिए भीतर आने-जाने वालों पर निगरानी की प्राथमिक जिम्मेदारी उनकी है। फिर भी पुलिस पूरे मामले की जांच कर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाएगी।

 


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Content Writer

Kuldeep

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