Chamba: मात्र पर्ची देखने से मरीज ठीक नहीं होंगे, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देनी पड़ेंगी : सुक्खू
punjabkesari.in Monday, Aug 03, 2026 - 10:17 PM (IST)
चम्बा (काकू चौहान): अंतर्राष्ट्रीय मिंजर मेले की पूरे देश में एक अलग पहचान है। यह कोई राजनीतिक मेला नहीं है। यह सांस्कृतिक मेला है। इसमें विपक्ष के लोग भी आते हैं, लेकिन इस बार मिंजर मेले की शोभायात्रा में भाजपा विधायकों के शामिल न होने से उनकी मंशा व कुंठा साफ नजर आती है। मिंजर मेला आपसी भाईचारे व सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है। इसमें सभी दलों के लोगों को भाग लेना चाहिए, ताकि परंपरा कायम रहे। यह बात मुख्यमंत्री सुखविंंदर सिंह सुक्खू ने चम्बा में कही।
उन्होंने कहा कि ये जो भाजपा के 3 विधायक चुनकर गए हैं, कभी अपने विधानसभा क्षेत्र की आवाज नहीं उठाते हैं। ड्रामा जरूर करते हैं। किसी की पर्ची देख लेते हैं। उन्होंने भरमौर के विधायक डा. जनक राज पर तंज कसते हुए कहा कि पर्ची देखने से मरीज ठीक नहीं होगा। मैडीकल कालेज चम्बा में अच्छी टैक्नोलॉजी आएगी, उससे जांच होगी तो ही मरीज ठीक होंगे, लेकिन पूर्व की भाजपा सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। 10-10 साल पुराने खराब उपकरणों से एक्स-रे व अन्य टैस्ट किए जा रहे थे, लेकिन अब मैडीकल कालेज का पूरा डायग्नोस्टिक सिस्टम बदला जाएगा। एम्स की तर्ज पर अत्याधुनिक उपकरण स्थापित किए जाएंगे, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चुराह के विधायक डा. हंसराज विधानसभा में तो जोर-जोर से चिल्लाते हैं, लेकिन मिंजर में आने से शर्माते हैं। डल्हौजी के विधायक डीएस ठाकुर मैडीकल कालेज में तो आए, लेकिन मैडीकल कालेज के बारे में कभी कोई बैठक नहीं की। तीनों विधायकों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
हंसराज को पता नहीं टिकट मिलेगा या नहीं
सीएम ने कहा कि भाजपा में कई गुट बने हुए हैं। इस बार चुराह के विधायक हंसराज को पता नहीं टिकट मिलता है या नहीं। भरमौर के विधायक डा. जनक राज को जियालाल कपूर से डर है। डल्हौजी के विधायक डीएस ठाकुर ऐसे ही चले होते हैं। भाजपा में बहुत लड़ाई है। 5-5 गुट बने हुए हैं। ड्रामेबाजों की पार्टी है।
अवैध तरीके से जुटाई संपत्ति होगी जब्त
सुक्खू ने कहा कि उनकी जो संपत्ति 20 से साल से है, वही है। ईडी व सीबीआई छापेमारी कर चुकी है। भाजपा विधायकों की तरह संपत्ति नहीं जुटाई। अगर भाजपा विधायक जांच को तैयार हैं तो अपनी संपत्ति का ब्याैरा सार्वजनिक करें। ऐसा न होने पर अवैध तरीके से जुटाई गई संपत्ति जब्त की जाएगी और गरीबों में बांटी जाएगी। उन्होंने कहा कि वह जनता की संपदा को जनता में बांटने आए हैं, अपने लिए जोड़ने नहीं। आपदा के समय उन्होंने 51 लाख रुपए निजी तौर पर प्रभावितों को दिए।

