Himachal: RDG मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक से भाजपा का वॉकआऊट, CM सुक्खू बाेले-"इन्हें प्रदेश नहीं, कुर्सी का हित सर्वोपरि"
punjabkesari.in Friday, Feb 13, 2026 - 08:08 PM (IST)
शिमला (राक्टा): केंद्र सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद किए जाने के मुद्दे पर राज्य सरकार द्वारा शिमला के पीटरहॉफ में बुलाई गई सर्वदलीय बैठक हंगामेदार रही। करीब 2 घंटे तक बैठक में मौजूद रहने के बाद नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल सहित भाजपा नेता बैठक बीच में ही छोड़कर चले गए। भाजपा का तर्क था कि सरकार एकतरफा दोषारोपण कर रही है और भ्रामक प्रस्तुति व राजनीतिक नैरेटिव गढ़कर वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटका रही है, जो समस्या का समाधान नहीं है।
सीएम सुक्खू का पलटवार-'भाजपा का वॉकआऊट दिखावा'
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा के वॉकआऊट को दिखावा करार दिया। उन्होंने मीडिया से कहा कि भाजपा केवल औपचारिकता के लिए आई थी और प्रदेश हित का विरोध करके चली गई। सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा नेताओं के लिए प्रदेश हित नहीं, कुर्सी का हित सर्वोपरि है। उन्होंने इस कदम को निंदनीय बताया और कहा कि भाजपा दुविधा में फंसी है और आरडीजी पर अपना स्टैंड स्पष्ट नहीं कर पा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए चुनौती है और हर चुनौती को हम लड़ाई समझ कर नहीं, युद्ध समझ कर लड़ते हैं। साम, दाम, दंड, भेद के साथ लड़ते हैं। प्रदेश हित की जब बात आती है तो सबसे पहले लड़ने को तैयार होते हैं।
बैठक के दाैरान क्या हुआ?
मुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक में माकपा और बसपा सहित अन्य दलों ने भी भाग लिया। शुरुआत में मंत्री हर्षवर्धन ने मुख्य विपक्षी दल होने के नाते भाजपा को पहले बात रखने को कहा, लेकिन भाजपा नेताओं ने अन्य दलों के सुझाव पहले लेने की बात कही। इसके बाद सीपीआई (एम) नेता राकेश सिंघा ने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा किसी सरकार का नहीं, बल्कि प्रदेश के संवैधानिक अधिकार का है, जो 1952 से मिल रहा है। जब डॉ. राजीव बिंदल बोलने लगे तो उन्होंने केंद्र द्वारा दिए गए फोरलेन, पीएम ग्राम सड़क योजना और अन्य केंद्रीय स्कीमों को गिनाना शुरू कर दिया। इस पर मंत्री हर्षवर्धन ने उन्हें टोका और आरडीजी (राजस्व घाटा अनुदान) पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा। सीएम ने बताया कि रूटीन की बातें गिनाने के बाद भाजपा नेता बहाना बनाकर चले गए। जयराम ठाकुर ने यह कहकर किनारा कर लिया कि वे विधानसभा में अपनी बात रखेंगे।
जपा के कहने पर ही बुलाई थी मीटिंग
मुख्यमंत्री ने खुलासा किया कि यह सर्वदलीय बैठक भाजपा के कहने पर ही बुलाई गई थी और उन्हीं के अनुरोध पर स्थान सचिवालय से बदलकर पीटरहॉफ किया गया था। सीएम ने अफसोस जताया कि भाजपा नेता सरकार की पूरी योजना सुनने से पहले ही चले गए। उन्होंने कहा कि सरकार के पास संकट से उबरने की योजना है और हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
सीएम ने पूर्व सरकार पर लगाया वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप
सीएम सुक्खू ने पूर्व की जयराम सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार को 15वें वित्त आयोग से 5,400 करोड़ और जीएसटी मुआवजे के रूप में 3,200 करोड़ सालाना मिले, फिर भी वे 76,000 करोड़ का कर्ज और 10,000 करोड़ की देनदारियां छोड़ गए। सीएम ने कहा कि आगामी वित्त वर्ष में सरकार 10,000 करोड़ का कर्ज लेगी, जबकि 13,500 करोड़ तो केवल ब्याज चुकाना होगा।
सीएम बाेले-प्रोटोकॉल तोड़कर भी साथ चलने को तैयार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश हित के लिए वे प्रोटोकॉल तोड़कर भी भाजपा नेतृत्व के साथ प्रधानमंत्री से मिलने को तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के आंतरिक लोकतंत्र ने नेताओं की बोलने की ताकत खत्म कर दी है और उन्हें अपनी कुर्सी जाने का डर है, इसलिए वे पीएम मोदी के सामने आरडीजी बहाल करने की मांग रखने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। सीएम ने याद दिलाया कि प्राकृतिक आपदा के समय भी भाजपा ने विधानसभा से वाॅकआऊट किया था।

