"RDG ग्रांट बढ़ाना हिमाचल के हक की लड़ाई, पॉलिटिक्स नहीं", CM सुक्खू का बड़ा बयान

punjabkesari.in Tuesday, Feb 10, 2026 - 02:46 PM (IST)

Himachal Politics: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (CM Sukhu) ने रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) का पुरजोर बचाव किया है और इसे वापस लेने को पहाड़ी राज्य के साथ "सौतेला बर्ताव" बताया। सीएम ने चेतावनी दी है कि इससे राज्य के बजट पर लगभग 15 प्रतिशत का असर पड़ सकता है। शिमला में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक फरवरी को पेश की गई वित्त मंत्री की रिपोर्ट हिमाचल प्रदेश के लिए "ब्लैक डे" है। उन्होंने साफ किया कि RDG कॉन्स्टिट्यूशनली वैलिड है और इसका मकसद राज्य की आय और खर्च के बीच के गैप को कम करना है, खासकर हिमाचल जैसे छोटे पहाड़ी राज्यों के लिए।

RDG एक अधिकार है, कोई एहसान नहीं- CM Sukhu

सीएम सुक्खू ने कहा, "केंद्र ने खुद माना है कि यह सिर्फ एक अस्थायी राहत थी। RDG एक अधिकार है, कोई एहसान नहीं। हिमाचल प्रदेश को रेवेन्यू-सरप्लस राज्य नहीं माना जा सकता।" पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर पर निराशा साधते हुए सीएम ने कहा, "यह कुर्सी या पावर के बारे में नहीं है। यह हिमाचल प्रदेश के बारे में है। अगर कोई हमारे साथ खड़ा नहीं होना चाहता है, तो उसे कम से कम अपने MLA को साथ लेकर राज्य के लिए लड़ना चाहिए।" मुख्यमंत्री ने 2018-19 में BJP सरकार के कार्यकाल के दौरान बड़े पैमाने पर फाइनेंशियल मिसमैनेजमेंट का आरोप लगाया, और दावा किया कि राज्य को लगभग 54,000 करोड़ रुपये मिले, जिसमें GST मुआवज़े के रूप में 16,000 करोड़ रुपये शामिल हैं, फिर भी छठे वेतन आयोग के तहत 10,000 करोड़ रुपये का भुगतान करने या लोन चुकाने में विफल रहा। उन्होंने पिछली सरकार पर चुनाव से पहले 5,000 करोड़ रुपये मुफ्त में देने और हिमकेयर के तहत प्राइवेट अस्पतालों को 4,500 करोड़ रुपये देने का भी आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री ने कहा, "इसके उलट, हमारी सरकार को तीन साल में RDG के तहत सिर्फ़ 17,000 करोड़ रुपये मिले हैं, फिर भी हम राज्य को ज़िम्मेदारी से चला रहे हैं।" RDG मुद्दे को हिमाचल और उसके लोगों के अधिकारों की लड़ाई बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर RDG बंद कर दिया गया तो राज्य को हर साल 8,000-10,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा, "यह मेरे जीवन का संघर्ष है। मैं लड़ना जानता हूं और जीतना भी जानता हूं।"


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Content Editor

Swati Sharma

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