हिमाचल की आर्थिक हालत खराब? RDG बंद होने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी सुक्खू सरकार, बजट पर 20% तक सीधा पड़ेगा बोझ
punjabkesari.in Sunday, Feb 08, 2026 - 05:58 PM (IST)
Shimla News: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (RDG) रोकने के संभावित फैसले पर आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। रविवार को कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि हिमाचल के वित्तीय हितों पर प्रहार हुआ, तो राज्य सरकार चुप नहीं बैठेगी और कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएगी।
बजट पर 20% तक का सीधा खतरा
मुख्यमंत्री ने चिंता जताते हुए कहा कि RDG बंद होने से प्रदेश के कुल बजट पर 15 से 20 प्रतिशत तक का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे राज्य की आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह डगमगा सकती है। सुक्खू ने केंद्र से मांग की कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य की विशिष्ट परिस्थितियों को देखते हुए इस अनुदान को जारी रखना अनिवार्य है।मुख्यमंत्री ने हिमाचल के संसाधनों पर हक जताते हुए एक नई शर्त रखी है। उन्होंने कहा कि जो बिजली परियोजनाएं अब कर्ज मुक्त हो चुकी हैं, उनमें हिमाचल प्रदेश की रॉयल्टी बढ़ाकर 50 प्रतिशत की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री के अनुसार, यदि केंद्र RDG बंद करता है, तो उसे प्रदेश के पानी और अन्य संसाधनों से होने वाली कमाई में राज्य का आधा हिस्सा सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्री के साथ इस पर चर्चा हुई है, लेकिन अब अंतिम फैसला प्रधानमंत्री को लेना है।
विपक्ष पर बरसे मुख्यमंत्री
इस संकट पर चर्चा के लिए बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दल भाजपा के शामिल न होने पर मुख्यमंत्री ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने इसे 'शर्मनाक' करार देते हुए कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का निजी मुद्दा नहीं, बल्कि हिमाचल के अस्तित्व की लड़ाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार एक 'योद्धा' की तरह अपने हक के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

