राजस्व घाटा अनुदान बंद होने से हिमाचल को भारी नुकसान, CM सुक्खू ने घाटे को पूरा करने का उपाय ढूंढा...लिया ये फैसला
punjabkesari.in Wednesday, Feb 04, 2026 - 01:17 PM (IST)
Himachal News: केंद्रीय बजट में राज्यों के लिए राजस्व घाटा अनुदान (RDG) समाप्त किए जाने से हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इस फैसले से प्रदेश को लगभग 40 हजार करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है। घाटे की भरपाई के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (CM Sukhu) ने शिमला में एक बड़ा निर्णय लेने का ऐलान किया है।
राज्य सचिवालय में होगी बैठक
मुख्यमंत्री ने आरडीजी बंद होने के बाद राज्य में निर्मित सभी जल विद्युत परियोजनाओं की भूमि पर टैक्स लगाने का फैसला किया है। इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के लिए 8 फरवरी को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई गई है, जिसमें इस निर्णय को मंजूरी दी जा सकती है। रविवार को यह बैठक सुबह 11 बजे के बाद राज्य सचिवालय में होगी। बैठक में बजट सत्र की तिथियां तय करने के बारे में भी फैसला हो सकता है। गौरतलब है कि 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट के बाद पेश हुए केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश सहित अन्य पहाड़ी राज्यों को मिलने वाला राजस्व घाटा अनुदान पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। इससे प्रदेश सरकार को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि राज्य का राजस्व घाटा लगातार बढ़ रहा है और अब इसकी भरपाई करना और चुनौतीपूर्ण हो गया है।
जानें मुख्यमंत्री ने क्या कहा
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने RDG (राजस्व घाटा अनुदान) के मुद्दे पर सभी दलों को राजनीति से ऊपर उठकर विचार करने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने इस गंभीर वित्तीय मसले पर चर्चा करने के लिए 8 फरवरी को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई है। सूत्रों के अनुसार, बैठक के बाद मुख्यमंत्री कांग्रेस विधायक दल और बीजेपी विधायकों के साथ भी विस्तृत चर्चा करने का कार्यक्रम बना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि RDG के बंद होने से उत्पन्न परिस्थितियों का समाधान राजनीतिक हितों से ऊपर उठकर किया जाना चाहिए और सभी दलों को मिलकर प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर विचार करना होगा। यह बैठक राजस्व घाटे और आगामी कदमों पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

