Kangra: धर्मशाला में भाजपा ने निकाली ''लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ'' पदयात्रा, SIR के मुद्दे पर घेरी कांग्रेस

punjabkesari.in Friday, Oct 30, 2026 - 07:24 PM (IST)

धर्मशाला (सुनील): भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को धर्मशाला में लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ नारे के साथ पदयात्रा निकालकर राज्य और केंद्र स्तर पर कांग्रेस की नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज करवाया। गांधी वाटिका, कोतवाली बाजार से शुरू होकर कचहरी अड्डा स्थित हनुमान मंदिर तक निकाली गई इस पदयात्रा में कांगड़ा-चम्बा के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार, धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा और कांगड़ा के विधायक पवन काजल सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्त्ताओं ने भाग लिया। पदयात्रा के दौरान भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि जनाधार खो चुकी कांग्रेस देश में अराजकता का माहौल बनाने और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया पर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। नेताओं का कहना था कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा संबंधित मुद्दों पर निर्णय दिए जाने के बावजूद विपक्ष लगातार भ्रम फैला रहा है। इस दौरान 1 नवम्बर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित कांग्रेस रैली का विरोध करते हुए व्यापारियों के हित में इसे टालने की बात भी कही गई।

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लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश: राजीव भारद्वाज
सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने कहा कि चुनावी विफलताओं से हताश होकर विपक्ष देश में भीड़तंत्र और अराजकता का माहौल निर्मित करना चाहता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्णयों के बाद भी कांग्रेस का रुख लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल खड़े करने वाला है। सांसद ने सिविल सोसायटी, एनजीओ और जैन-जी युवाओं से लोकतंत्र की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली में दीवाली के व्यापारिक सीजन के दौरान कांग्रेस रैली का आयोजन करने पर कड़ा एतराज जताया।

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फर्जी वोटरों के हटने से बौखलाई कांग्रेस : सुधीर
विधायक सुधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि जनाधार खो चुका विपक्ष देश के भीतर और विदेशों में भारत की लोकतांत्रिक छवि को धूमिल करने में लगा है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धीकरण कोई नई बात नहीं है, यह कांग्रेस के शासनकाल में भी कई बार हो चुका है। राहुल गांधी पहले एस.आई.आर. की मांग करते थे और अब खुद इसका विरोध कर रहे हैं। फर्जी वोटरों के नाम हटने और विदेशी फंडिंग नियमों में सख्ती के कारण विपक्ष में बौखलाहट देखने को मिल रही है।

आपातकाल लागू करने वाले न दें लोकतंत्र पर ज्ञान : परमार
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने कहा कि 1975 में देश पर आपातकाल थोपकर लोकतंत्र का गला घोंटने वाली कांग्रेस को आज इस विषय पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि मृत लोगों के नाम हटाना, युवाओं के नए नाम जोड़ना और दोहरे मतदाताओं को सूचियों से बाहर करना पारदर्शी चुनाव के लिए अनिवार्य है। कांग्रेस इसे वोट चोरी का नाम देकर जनता को गुमराह कर रही है, जिसे देश का युवा और आम नागरिक कभी स्वीकार नहीं करेगा।

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Content Writer

Vijay

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