अब हिमाचल में ही मिलेगा मानसिक रोगों का आधुनिक इलाज, AIIMS बिलासपुर ने उठाया ये बड़ा कदम
punjabkesari.in Tuesday, Jul 07, 2026 - 03:44 PM (IST)
बिलासपुर (बंशीधर): मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी तथा मरीज-केंद्रित बनाने के लिए एम्स बिलासपुर में एक आधुनिक साइकियाट्रिक थैरेपी रूम स्थापित किया जा रहा है। इस विशेष सुविधा के शुरू होने से मानसिक रोगों से जूझ रहे मरीजों को एक शांत, सुरक्षित और पूरी तरह से गोपनीय वातावरण मिलेगा, जहां विशेषज्ञ उनका मनोचिकित्सकीय उपचार और काऊंसिलिंग करेंगे।
एम्स प्रशासन का मानना है कि मानसिक रोगों का इलाज केवल दवाइयों तक सीमित नहीं होता है। मरीज को पूरी तरह ठीक करने के लिए उसकी मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक परिस्थितियों को समझना बहुत जरूरी है। इसी वजह से नियमित थेरेपी और उचित परामर्श (काऊंसिलिंग) के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इस थैरेपी रूम का निर्माण किया जा रहा है। इस नए थैरेपी रूम में अवसाद (डिप्रैशन), चिंता (एंग्जायटी), तनाव, व्यवहार संबंधी समस्याओं और अन्य मानसिक स्वास्थ्य विकारों से पीड़ित मरीजों का इलाज किया जाएगा। यहां प्रशिक्षित मनोचिकित्सक और विशेषज्ञ मरीजों की स्थिति का बारीकी से आकलन कर उनके लिए सही उपचार योजना तैयार करेंगे। जरूरत पड़ने पर मरीजों को व्यक्तिगत और पारिवारिक काऊंसिलिंग की सुविधा भी दी जाएगी।
इस नई पहल से मरीजों को एक ऐसा अनुकूल वातावरण मिलेगा, जहां वे बिना किसी डर या झिझक के अपनी समस्याएं खुलकर डॉक्टरों के साथ साझा कर सकेंगे। एम्स प्रशासन को उम्मीद है कि इससे मरीजों के उपचार की गुणवत्ता और उनके ठीक होने की सफलता दर में भारी सुधार होगा। अक्सर समाज में मानसिक बीमारियों को लेकर एक कलंक या झिझक रहती है। यह नई पहल इस सामाजिक कलंक को कम करने और लोगों को समय पर अपना इलाज करवाने के लिए प्रेरित करने में एक मील का पत्थर साबित होगी।
एम्स प्रशासन के अनुसार इस साइकियाट्रिक थैरेपी रूम के बनने से संस्थान में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा और मजबूत होगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब क्षेत्र और प्रदेश के लोगों को मानसिक बीमारियों के बेहतर और आधुनिक इलाज के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा, उन्हें अपने ही प्रदेश में यह सुविधा मिल सकेगी।
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