कुल्लू में पीलिया के मामले आने पर प्रशासन अलर्ट, स्टोरेज टैंकों की सफाई शुरू...बांटी जा रहीं क्लोरीन की गोलियां
punjabkesari.in Thursday, Jul 23, 2026 - 04:33 PM (IST)
कुल्लू (ब्यूरो): कुल्लू क्षेत्र में पीलिया के मामले सामने आने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कई व्यापक एहतियाती और सुधारात्मक कदम उठाए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी से रिपोर्ट मिलने के तुरंत बाद डीसी कुल्लू ने संबंधित विभागों की आपात बैठक बुलाई, जिसमें जल शक्ति और स्वास्थ्य विभाग को त्वरित कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए गए।
टैंकों और जल संयंत्रों की हो रही सफाई
डीसी के निर्देशों पर अमल करते हुए जल शक्ति और स्वास्थ्य विभाग ने जल शोधन संयंत्रों, सैक्टर स्टोरेज टैंकों, जल स्रोतों और पूरे वितरण नैटवर्क का संयुक्त निरीक्षण किया। एहतियात के तौर पर संबंधित जल शोधन संयंत्रों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। फिलहाल 20 सैक्टर स्टोरेज टैंकों और दोनों डब्ल्यटीपी की सफाई और सैनिटाइजेशन का काम जोरों पर चल रहा है।
पानी की जांच के लिए पुणे भेजे जाएंगे सैंपल
पानी की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए संभावित प्रदूषित जगहों से पानी के 11 नमूने लिए गए थे, जिनकी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट संतोषजनक आई है। हालांकि, प्रशासन कोई कोताही नहीं बरतना चाहता, इसलिए स्वतंत्र सैंपलिंग और निष्पक्ष जांच के लिए एनएबीएल मान्यता प्राप्त ईको पर्यावरण लैबोरेट्रीज एंड कंसल्टैंट्स प्रा. लि. चंडीगढ़ की टीम को बुलाया गया है। इसके अलावा, विस्तृत और गहन परीक्षण के लिए पानी के सैंपल पुणे की लैब में भी भेजे जाएंगे।
प्रभावित इलाकों में बांटी जा रहीं क्लोरीन की गोलियां
जिन क्षेत्रों से पीलिया के अधिक मामले रिपोर्ट हुए हैं, वहां पानी की सप्लाई लाइनों और सीवरेज नैटवर्क का बारीकी से निरीक्षण किया गया है। इन प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित रखने के लिए क्लोरीन की गोलियों का वितरण शुरू कर दिया गया है, साथ ही जिला अस्पताल से पीलिया ग्रस्त मरीजों की सूची लेकर उनके घरों के निजी पेयजल कनेक्शनों की भी जांच की जा रही है, ताकि संक्रमण के सटीक स्रोत का पता लगाया जा सके।
पानी मटमैला आ सकता है, टंकियां साफ रखने की अपील
प्रशासन ने जनता को सूचित किया है कि जल शोधन संयंत्रों और टैंकों की सफाई के कारण इलाके में पानी की आपूर्ति अस्थायी रूप से प्रभावित हुई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पाइपलाइनों में बचे हुए पानी या घरेलू टंकियों के तल में जमी गाद के कारण नलों में कुछ समय के लिए पानी मटमैला दिखाई दे सकता है। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वे घबराएं नहीं और अपने घरों के निजी पानी के टैंकों की नियमित रूप से सफाई करें। जिला प्रशासन, जल शक्ति विभाग और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से पूरे हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। नागरिकों तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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