हिमाचल में चरस की खेप के साथ महाराष्ट्र के 2 तस्कर गिरफ्तार, बिलासपुर पुलिस ने की कार्रवाई
punjabkesari.in Tuesday, Aug 11, 2026 - 06:43 PM (IST)
बिलासपुर (बंशीधर): हिमाचल प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान के तहत बिलासपुर पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। बरमाणा पुलिस थाना की टीम ने घागस स्थित रेन शैल्टर में बैठे दो युवकों को 723 ग्राम चरस के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़े गए दोनों आरोपी महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
जानकारी के अनुसार गत दिवस बरमाणा पुलिस थाना की एक टीम इलाके में नियमित गश्त और असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए अभियान पर थी। गश्त के दौरान जब पुलिस टीम घागस के पास पहुंची, तो वहां बने रेन शैल्टर में दो युवक बैठे हुए दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों घबराने लगे और उनकी गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हुईं। पुलिस ने शक के आधार पर जब दोनों युवकों से पूछताछ की और उनके सामान की तलाशी ली, तो उनके कब्जे से 723 ग्राम अवैध चरस बरामद हुई।
पुलिस ने चरस को तुरंत कब्जे में लेकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान शिवानंद इंदी निवासी अक्कलकोट, जिला सोलापुर (महाराष्ट्र) तथा आकाश परशुराम जाधव निवासी खारघर, जिला रायगढ़ (महाराष्ट्र) के रूप में हुई है। इतनी दूर से आकर हिमाचल में चरस की खेप के साथ पकड़े जाने पर पुलिस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है।
अब पुलिस की जांच का मुख्य बिंदु यह है कि महाराष्ट्र के रहने वाले इन युवकों के पास इतनी बड़ी मात्रा में चरस की खेप कहां से पहुंची और वे इसे आगे किस इलाके में सप्लाई करने की फिराक में थे। पुलिस इस पूरे नैटवर्क का भंडाफोड़ करने के लिए मामले के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की गहनता से जांच कर रही है। आरोपियों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स भी खंगाली जा रही हैं ताकि उनके स्थानीय आकाओं का पता लगाया जा सके।
बिलासपुर के एसपी अभिषेक धीमान ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि बरमाणा पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और पूछताछ के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगामी सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। नशे का कारोबार करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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