पांवटा साहिब में तलवारें लेकर घर में घुसे 15 हमलावर, औरतों को भी नहीं बख्शा, खिड़कियां-गाड़ियां सब चकनाचूर
punjabkesari.in Thursday, Mar 26, 2026 - 12:41 PM (IST)
हिमाचल डेस्क। हिमाचल के औद्योगिक शहर पांवटा साहिब का देवी नगर इलाका बुधवार को किसी फिल्मी गैंगवार के सीन जैसा मंजर पेश कर रहा था। वार्ड नंबर 10 में उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब दर्जनों नकाबपोश हमलावरों ने एक रिहायशी मकान को अपना निशाना बनाया। यह हमला इतना सुनियोजित था कि हमलावर अपने साथ डंडे और रॉड ही नहीं, बल्कि नंगी तलवारें भी लेकर आए थे।
इस हमले की सबसे भयावह तस्वीर पास में लगे सीसीटीवी कैमरों में दर्ज हुई है, जिसमें हमलावरों की पूरी फौज बेखौफ होकर उत्पात मचाते और घर में घुसते साफ देखी जा सकती है।
खिड़कियां तोड़ी, वाहनों को किया चकनाचूर
पीड़ित जावेद अली के आशियाने पर हुए इस हमले ने पूरे मोहल्ले को हिलाकर रख दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो हमलावरों ने घर के भीतर घुसकर न केवल पुरुषों को पीटा, बल्कि महिलाओं के साथ भी बेरहमी से मारपीट की। जब इतने से भी मन नहीं भरा, तो उपद्रवियों ने घर के बाहर खड़े वाहनों और खिड़की-दरवाजों को लोहे की रॉड से निशाना बनाकर भारी नुकसान पहुंचाया।
मामले में एक चौंकाने वाला एंगल सामने आया है। चर्चा है कि यह महज एक आपसी विवाद नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। आरोप लग रहे हैं कि कुछ स्थानीय रसूखदार लोगों ने पड़ोसी राज्यों से भाड़े के बदमाशों (गैंगस्टरों) को इस वारदात को अंजाम देने के लिए बुलाया था।
मुख्य नाम जो सामने आए हैं- अभिषेक (कथित मास्टरमाइंड) व आशिक उर्फ काका और साहिदा है।
पुलिस की कार्रवाई और डीएसपी का बयान
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। डीएसपी पांवटा साहिब, मानवेन्द्र ठाकुर ने इस पूरे मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
"हमने घायलों का मेडिकल परीक्षण करवा लिया है और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। तीन मुख्य संदिग्धों की पहचान हो चुकी है और हमारी टीमें अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। बहुत जल्द सभी हमलावर पुलिस की गिरफ्त में होंगे।"
— मानवेन्द्र ठाकुर, डीएसपी
फिलहाल इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। स्थानीय निवासियों में इस बात को लेकर गहरा रोष है कि रिहायशी इलाके में इस तरह सरेआम हथियारों के साथ गुंडागर्दी कैसे संभव हुई।

