काजा में कृषि मंत्री के विरोध में उतरी नारी शक्ति, मुख्य द्वारा से वापस लौटाया

punjabkesari.in Tuesday, Jun 09, 2020 - 08:35 PM (IST)

मनाली (सोनू): सुमदो-ग्राम्फू मार्ग बीआरओ से नैशनल हाईवे को देने के कारण मंगलवार को स्पीति वासियों का गुस्सा फूट पड़ा। स्पीति घाटी के दौरे पर आए कृषि मंत्री डॉ. राम लाल मारकंडा को काजा गेट पर महिलाओं ने घेर लिया। महिलाएं इतने गुस्से में थीं कि उन्होंने मंत्री की एक न सुनी और चुपचाप वापस लौट जाने की मांग कर दी। गौर हो कि बीआरओ के अधीन सुमदो-काजा मार्ग नैशनल हाईवे को देने से बीआरओ के 213 स्थानीय मजदूर बेरोजगार हो गए हैं और वे 4 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

मंगलवार को कृषि, जनजातीय विकास एवं आईटी मंत्री भूख हड़ताल पर बैठे लोगों से मिलने ही काजा आए थे लेकिन महिलाओं ने उन्हें काजा के मुख्य द्वार से ही वापस लौटने को मजबूर कर दिया। सुबह के समय जैसे ही स्पीति के लोगों को मंत्री के आने की जानकारी मिली तो सरकार व प्रशासन से खफा लोग एकत्रित होने शुरू हो गए। सुबह 11 बजे के करीब काजा में 400 से अधिक महिलाएं व लोग एकत्रित हो गए। काजा पहुंचने पर स्थानीय महिला मंडलों ने मंत्री का रास्ता रोक दिया। महिलाओं ने मंत्री गो बैक व प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाकर विरोध किया और मंत्री को वापस जाने के लिए मजबूर कर दिया।

महिलाओं का कहना है स्पीति घाटी में जो भी लोग बाहर से आ रहे हैं, उनको क्वारंटाइन किया जा रहा है लेकिन प्रशासन व सरकारी विभाग के कर्मचारी क्वारंटाइन नहीं हो रहे हैं। वहीं एडीएम काजा ज्ञान सागर ने बताया कि लोग सुमदो-ग्राम्फू मार्ग का विरोध कर रहे हैं तथा मजदूर पिछले 4 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उन्होंने बताया कि मजदूरों की समस्या के हल को ही मंत्री स्पीति दौरे पर आए हुए हैं।

नहीं माने मजदूर, जारी रहेगी भूख हड़ताल

वहीं भूख हड़ताल पर बैठे बीआरओ के मजदूरों से मंगलवार दोपहर बाद कृषि मंत्री की विशेष बैठक हुई। यह बैठक काजा से कुछ दूरी पर की गई और इस दौरान कृषि मंत्री ने मजदूरों से भूख हड़ताल खत्म करने का जहां आग्रह किया, वहीं उन्हें यह भरोसा भी दिलाया कि उनका रोजगार नहीं छीना जाएगा। कृषि मंत्री ने मजदूर कमेटी प्रतिनिधियों को कहा कि अगर सड़क लोक निर्माण विभाग के पास भी जाती है तो मजदूरों को हटाया नहीं जाएगा। ग्राम्फू -सुमदो सड़क लेबर कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम ने बताया कि कृषि मंत्री व प्रशासन ने यह आश्वासन दिया है कि मजदूरों से रोजगार नहीं छीना जाएगा। उन्होंने कहा कि कमेटी के सदस्यों व कृषि मंत्री के बीच हुई बैठक में समस्या का फिलहाल समाधान नहीं निकल पाया है। अत: भूख हड़ताल जारी रहेगी। 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Vijay

Related News

Recommended News