Himachal: उपराष्ट्रपति ने सैंट्रल यूनिवर्सिटी कांगड़ा के दीक्षांत समारोह में बांटी डिग्रियां, 32 मेधावियों को मिले गोल्ड मैडल

punjabkesari.in Saturday, Mar 14, 2026 - 04:51 PM (IST)

कांगड़ा/धर्मशाला: भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन आज हिमाचल प्रदेश के दौरे पर रहे। उन्होंने कांगड़ा स्थित हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के 9वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस गरिमामयी समारोह में उन्होंने विश्वविद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को डिग्रियां और पदक प्रदान कर सम्मानित किया। उपराष्ट्रपति ने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और उन्हें राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

511 विद्यार्थियों को प्रदान की डिग्रियां
केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष कुल 511 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गई हैं।  इसके अलावा, अपनी कक्षाओं में शैक्षणिक उत्कृष्टता हासिल करने वाले 32 मेधावियों को स्वर्ण पदक से नवाजा गया। दीक्षांत समारोह की सबसे खूबसूरत बात यह रही कि पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए सभी विद्यार्थी अपनी डिग्रियां लेने के लिए पारंपरिक भारतीय परिधानों में पहुंचे थे। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल कविंद्र गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने की।

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हिमाचल देवभूमि के साथ वीरभूमि, विकसित भारत 2047 के सबसे बड़े हितधारक हैं युवा
अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने हिमाचल प्रदेश की जमकर तारीफ की। उन्होंने इसे देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि करार देते हुए कहा कि इस पहाड़ी राज्य के युवाओं ने देश की सशस्त्र सेनाओं में अपना सर्वोच्च और महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने आधुनिक शिक्षा प्रणाली पर जोर देते हुए कहा कि आज के विश्वविद्यालयों को अपनी फैकल्टी के विकास को प्राथमिकता देनी चाहिए। नवाचार को प्रोत्साहित करना और आपसी सहयोग को मजबूत करना आज की जरूरत है, ताकि हम एक ऐसी शिक्षा प्रणाली तैयार कर सकें जो वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सके। उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि इस महासंकल्प को साकार करने में देश के छात्र और युवा सबसे बड़े और महत्वपूर्ण हितधारक हैं। उन्होंने समावेशी विकास का आह्वान करते हुए स्पष्ट किया कि विकास की इस तेज रफ्तार में देश का कोई भी राज्य या समाज का कोई भी वर्ग पीछे नहीं छूटना चाहिए।

कड़े सुरक्षा घेरे में रहा कांगड़ा, ड्रोन और पैराग्लाइडिंग पर रहा बैन
उपराष्ट्रपति के इस अति-विशिष्ट दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के चाक-चौबंद प्रबंध किए थे। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कांगड़ा, शिल्पी बेक्टा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (की धारा 163 के तहत सख्त आदेश जारी किए थे। सुरक्षा कारणों से धर्मशाला, कांगड़ा, शाहपुर और पालमपुर क्षेत्रों को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया था। यहां पैराग्लाइडिंग, ड्रोन उड़ाने, हॉट एयर बैलूनिंग और सभी प्रकार की हवाई गतिविधियों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया था। सुरक्षा एजेंसियों ने कार्यक्रम स्थल को पूरी तरह से छावनी में तब्दील कर दिया था और चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा।

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Content Writer

Vijay

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