Shimla: एलएसडी नशा तस्करी मामले में 4 पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी पर विधानसभा में हंगामा, विपक्ष ने की नारेबाजी
punjabkesari.in Friday, Mar 20, 2026 - 09:07 PM (IST)
शिमला (कुलदीप): हिमाचल प्रदेश विधानसभा में शून्यकाल के दौरान विपक्ष की तरफ से कुल्लू में लाइसर्जिंक एसिड डाइथाइलमाइड (एलएसडी) नशे की तस्करी मामले में 4 पुलिस कर्मचारियों को गिरफ्तार करने के मामले पर हंगामा हुआ। सदन में इस मामले को पहले नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर कार्यवाही शुरू होने पर उठाना चाहते थे, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बाद जब शून्यकाल में उन्हें इस मामले को उठाने की अनुमति दी गई तो पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। बाद में विपक्ष के सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन को छोड़कर बाहर चले गए।
सरकार ने नशे के खिलाफ कड़ा कानून बनाया : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष की तरफ से उठाए गए इस मामले का उत्तर देते हुए कहा कि यह राज्य सरकार की नशे के खिलाफ छेड़ी गई मुहिम का परिणाम है कि आज पुलिस वाले ही पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने हर जिलों में जाकर वॉकथॉन के माध्यम से युवाओं को नशे के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया है, जिसमें उसे सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि जिस पीईटी एनडीपीएस एक्ट को भाजपा सत्ता में रहते हुए लागू नहीं कर पाई, उसे वर्तमान सरकार ने कानून बनाकर उस पर अमल किया।
नेता प्रतिपक्ष हर चीज में सनसनी फैलाना चाहते हैं
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि आज चिट्टे जैसे नशे पर चोट करके सरकार ने इतिहास में पहली बार 11 पुलिस तथा 8 अन्य कर्मचारियों को बर्खास्त किया है। इसी तरह 60 के करीब जेल की सलाखों के पीछे हैं और नशा माफिया पर चोट की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे कोई भी व्यक्ति कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो, उसे नशे का कारोबार करने पर बख्शा नहीं जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर हर चीज में सनसनी फैलाना चाहते हैं। उनको मालूम होना चाहिए कि आज पुलिस हर उस आदमी पर कार्रवाई कर रही है, जो नशे के कारोबार से जुड़ा है।
पूर्व सरकार के समय सुंदरनगर में जहरीली शराब पीने से 5 लोगों की मौत
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि कुल्लू की घटना ने सिद्ध कर दिया है कि यदि पुलिस में भी कोई कर्मी इससे जुड़ा हुआ है तो उस पर भी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि विपक्ष इस अभियान में सरकार का साथ दे। सरकार मंडी सहित अन्य जिलों में भी नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने जा रही है, जिसमें विपक्ष के सदस्य भी शामिल हो सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने सत्ता में रहते हुए नशे के खिलाफ यदि कड़ी कार्रवाई की होती तो आज हालात इतने खराब नहीं होते। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार के समय सुंदरनगर में जहरीली शराब पीने से 5 लोगों की मौत हुई।
पुलिस को विपक्ष के नेताओं पर नजर रखने व फोन टैपिंग करने में लगाया : जयराम
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कुल्लू में एलएसडी नशा तस्करी में 4 पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी को शर्मसार करने वाला बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि आज पुलिस सरकार के निर्देश पर विपक्ष के नेताओं पर नजर रखने और फोन टैपिंग के काम में लगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि नशे के खिलाफ सरकार का अभियान जागरूकता तक सीमित है और जमीन पर इसका असर नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को एकत्र कर वॉकथॉन करके नेता अपनी फोटो खिंचवाने तक सीमित हैं तथा नशे पर प्रहार नहीं हो रहा है। जयराम ठाकुर ने नशे पर नकेल कसने के लिए प्रभावी कदम उठाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को इस अभियान में विपक्ष का सहयोग भी लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज पुलिस विभाग का उपयोग किया जाना चाहिए, न कि दुरुपयोग होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूरदराज के क्षेत्र तक आज नशा आसानी से पहुंच रहा है और इसे रोकने में गंभीरता नजर नहीं आ रही है।
बेअंत सिंह-गिल व योगी जैसी कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता : सत्ती
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि राज्य में नशा और खनन माफिया पर प्रहार करने के लिए शासक को कड़ा होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह पंजाब में मुख्यमंत्री रहते हुए बेअंत सिंह तथा उस समय के डीजीपी केपीएस गिल ने जिस तरह का प्रहार आतंकवाद और वर्तमान में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जैसी कार्रवाई माफिया के खिलाफ की है, वैसी कार्रवाई हिमाचल प्रदेश में नशा माफिया पर होनी चाहिए। उन्होंने नशे पर चर्चा के दौरान अधिकारी दीर्घा में बैठे 2 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के हंसने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सरकार को एसआईयू, सीआईडी और एंटी करप्शन से ऐसे कर्मचारियों को हटाना चाहिए, जिनका आचरण संदेह के घेरे में है।

