Shimla: आऊटसोर्स कर्मियों के लिए नहीं हुई कोई घोषणा तो 27 मार्च को होगा विधानसभा का घेराव
punjabkesari.in Tuesday, Mar 17, 2026 - 05:04 PM (IST)
शिमला (राजेश): 21 मार्च को प्रदेश सरकार अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश करने जा रही है। ऐसे में एक बार फिर विभिन्न विभागों व निगमों व बोर्डों में पिछले 15-15 सालों से सेवाएं दे रहे आऊटसोर्स कर्मचारियों की उम्मीदें जग गई हैं। इसी संबंध में मंगलवार को हिमाचल प्रदेश आऊटसोर्स कर्मचारी संघ की बैठक शिमला में संपन्न हुई। बैठक में विशेष कर बिजली बोर्ड आऊटसोर्स कर्मचारी यूनियन सहित विभिन्न विभागों के आऊटसोर्स कर्मचारियों एवं उनके प्रतिनिधियों ने भाग लिया और आऊटसोर्स कर्मचारियों के हो रहे शोषण सहित अन्य मामलों व मांगों को लेकर चर्चा की गई। इस मौके पर हिमाचल प्रदेश आऊटसोर्स कर्मचारी संघ संयोजक अश्विनी शर्मा एवं सह संयोजक सोहन लाल तुलिया ने कहा कि 21 मार्च को मुख्यमंत्री द्वारा बजट प्रस्तुत किया जाना है ऐसे मेें सभी आऊटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी उम्मीदें हैं।
उन्होंने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि 21 मार्च 2026 को प्रस्तुत होने वाले बजट में आऊटसोर्स कर्मचारियों के हित में कोई सकारात्मक घोषणा नहीं की जाती है, तो प्रदेशभर के सभी विभागों के आऊटसोर्स कर्मचारी एवं उनके प्रतिनिधि दिनांक 27 मार्च को भारी संख्या में शिमला में एकत्रित होकर अपनी मांगों को लेकर सरकार के समक्ष लामबंद होंगे और अपनी आवाज को मजबूती से उठाएंगे।
विभागों में 15 वर्षों से कर रहे नौकरी, मात्र मिल रहा 10 से 12 हजार रुपए वेतन
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान में आऊटसोर्स कर्मचारियों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है। कई कर्मचारी साथी पिछले 15-15 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें मात्र 10 से 12 हजार रुपए का वेतन प्राप्त हो रहा है। इतना ही नहीं, इतने लंबे समय तक सरकार को अपनी सेवाएं देने के उपरांत भी उनके भविष्य एवं नौकरी की कोई सुरक्षा सुनिश्चित नहीं है। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आऊटसोर्स कर्मचारियों की दो मुख्य मांगें नौकरी की सुरक्षा एवं समान काम के लिए समान वेतन को प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाएगा।
आऊटसोर्स कर्मचारियों को पॉलिसी के इंतजार करते हो गए कई साल : अश्विनी
हिमाचल प्रदेश आऊटसोर्स कर्मचारी संघ संयोजक अश्विनी शर्मा ने कहा कि संघ ने एकजुटता के साथ अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया और आशा व्यक्त की कि सरकार आगामी बजट में आऊटसोर्स कर्मचारियों के हित में ठोस एवं सकारात्मक निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि विभागों में कार्यरत आऊटसोर्स कर्मचारी पॉलिसी के इंतजार करते हुए कई साल हो गए हैं। कुछ आऊटसोर्स कर्मचारियों की उम्र तो अब 45 साल से अधिक हो गई है। ऐसे मेें सरकार को पॉलिसी बनानी चाहिए और राहत प्रदान करनी चाहिए।

