Una: पुलिस हिरासत से फरार मामले में आरोपी को एक वर्ष की कठोर कैद की सजा

punjabkesari.in Thursday, Jan 22, 2026 - 10:56 PM (IST)

ऊना (सुरेन्द्र): ज्यूडीशियल मैजिस्ट्रेट प्रथम क्लास कोर्ट नम्बर-2 शाविक घई की अदालत ने एक अहम फैसले में करण ठाकुर पुत्र गिरधारी लाल निवासी अमृतसर (पंजाब) को बीएनएस (2) की धारा 262 के तहत दोषी करार दिया है। अदालत में दोषी को एक वर्ष के कठोर कारावास और बीएनएस 2 की धारा 115 के तहत एक महीने के कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

जानकारी देते हुए जिला अटॉर्नी एकलब्या ने बताया कि आरोपी को 05.11.2024 को ऊना स्थित एडीजे-1 की अदालत में पेश किया गया। उस समय आरोपी एफ.आर. संख्या 90/2023 के संबंध में न्यायिक हिरासत में था और चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल में बंद था। उसे चंडीगढ़ पुलिस के अधिकारियों द्वारा अदालत लाया गया था। दोपहर लगभग 12:30 बजे आरोपी के अदालत में पेश होने के बाद चंडीगढ़ पुलिस के अधिकारी उसे वापस ले जा रहे थे और अदालत परिसर के पास मुख्य सड़क पर खड़ी सरकारी गाड़ी के पास पहुंच रहे थे।

उसी समय आरोपी करण ठाकुर ने पुलिस अधिकारी की पकड़ से खुद को छुड़ा लिया और भाग गया। एएसआई विजेंद्र कुमार, चंडीगढ़ पुलिस की शिकायत पर 06.11.2024 को धारा 262, 353 के तहत ऊना पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है। जांच पूरी होने के बाद आरोपी व्यक्ति के खिलाफ बी.एन.एस की धारा 262, 253, 61 (2), 115 (2) के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया है।

मुकद्दमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने मामले को साबित करने के लिए 19 गवाहों से पूछताछ की। अभियोजन पक्ष ने आरोपी करण ठाकुर के खिलाफ अपने मामले को संदेह से परे साबित कर दिया है। अदालत ने करण को दोषी पाया और उसे सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से राजीव कुमार चौधरी सहायक जिला अटॉर्नी ऊना ने पैरवी की।


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Kuldeep

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