Shimla: मादक पदार्थ तस्करी मामले में 47.76 लाख रुपए की अवैध संपत्ति फ्रीज

punjabkesari.in Sunday, Aug 02, 2026 - 05:39 PM (IST)

सोलन (अमित): जिला पुलिस सोलन ने नशा तस्करों के आर्थिक नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस अधिनियम के एक मामले में व्यापक वित्तीय जांच के बाद 47.76 लाख रुपए से अधिक की संदिग्ध बैंकिंग परिसंपत्तियों, वित्तीय निवेशों और अचल संपत्ति को फ्रीज किया है। यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट के अध्याय वी-ए के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध संपत्ति पर प्रभावी कार्रवाई कर नशा तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ना है।

एसपी साई दत्तातरे वार्मा ने बताया कि यह मामला 13 मार्च 2026 को थाना दाड़लाघाट में दर्ज एफआईआर से संबंधित है। मामले में जिला पुलिस की एसआईयू टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कराड़ाघाट के समीप नाकाबंदी के दौरान एक ट्रक और आल्टो कार को रोककर जांच की थी। तलाशी के दौरान ट्रक से 1.980 किलोग्राम चरस और 935 ग्राम अफीम बरामद हुई थी। ट्रक चालक कमलेश कुमार को मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि आल्टो कार चालक मनोज कुमार फरार हो गया था।

बाद में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई तथा 23 मार्च 2026 को मुख्य आरोपी मनोज कुमार को सोलन से गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि वह मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय था और ट्रक को अपनी कार से पायलट कर रहा था।

2.05 करोड़ रुपए के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा
मामले की वित्तीय जांच में पता चला कि आरोपी मनोज कुमार के बैंक खाते में 1 जनवरी 2023 से 10 मार्च 2026 के बीच लगभग 2.05 करोड़ रुपए का संदिग्ध लेन-देन हुआ, जो उसकी ज्ञात वैध आय से मेल नहीं खा रहा था। इसके अलावा उसकी पत्नी के खाते में 58 लाख रुपए के लेन-देन, विभिन्न फिक्स्ड डिपॉजिट तथा अन्य निवेश भी सामने आए। जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी के फरार होने के बाद कुछ एफडी समय से पहले तुड़वाई गई थीं।

पुलिस ने आरोपी की बहन, पिता और परिवार के अन्य सदस्यों के बैंक खातों की भी जांच की, जिनमें बड़ी मात्रा में संदिग्ध लेन-देन, नकद जमा, आवर्ती जमा, डाक जीवन बीमा, सुकन्या समृद्धि योजना, आईपीपीबी खातों सहित अन्य निवेश पाए गए। वहीं बिलासपुर जिले के घुमारवीं क्षेत्र में खरीदी गई करीब 5 बिस्वा भूमि भी जांच के दायरे में आई, जिसकी कीमत विक्रेता के अनुसार 28 लाख रुपए थी।

मुख्य सप्लायर के परिवार तक पहुंची जांच
जांच के दौरान पुलिस ने मामले के मुख्य सप्लायर दत्त राम निवासी जिला कुल्लू, जो फिलहाल फरार है और जिसके विरुद्ध उद्घोषणा आदेश जारी हैं, तथा उसके परिवार के बैंक खातों की भी जांच की। इसमें मनोज कुमार और उसकी पत्नी से कई संदिग्ध वित्तीय लेन-देन सामने आए, जिससे दोनों परिवारों के बीच आर्थिक संबंधों के संकेत मिले। दत्त राम और उसके परिवार से संबंधित 2.44 लाख रुपए की संदिग्ध संपत्ति और निवेश भी फ्रीज किए गए।

47.76 लाख की संपत्ति फ्रीज
पुलिस की वित्तीय जांच में मनोज कुमार और उसके परिवार की 45.32 लाख रुपए तथा मुख्य सप्लायर दत्त राम और उसके परिवार की 2.44 लाख रुपए की संदिग्ध संपत्ति एवं निवेश चिन्हित किए गए। इस प्रकार कुल 47.76 लाख रुपए से अधिक की बैंकिंग परिसंपत्तियों, वित्तीय निवेशों और अचल संपत्ति को फ्रीज कर आगामी कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है।


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Kuldeep

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