मानसून का कहर : 288 मौतें, अभी भी 61 सड़कें बंद, हल्की से मध्यम बारिश की संभावना

punjabkesari.in Thursday, Sep 10, 2026 - 09:41 PM (IST)

शिमला (संतोष): 30 जून से आरंभ हुए मानसून सीजन में 10 सितम्बर तक भारी तबाही देखने को मिली है, जिससे राज्य को 1,638 करोड़ से अधिक का वित्तीय नुक्सान हुआ है। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने से राहत मिलने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 12 से 16 सितम्बर के बीच राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। ऊना, हमीरपुर, कांगड़ा, चंबा, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में बारिश सामान्य रहेगी, जबकि बाकी जिलों में यह सामान्य से कम रहने की संभावना है। 18 से 24 सितम्बर के दौरान केवल ऊंचे पहाड़ी इलाकों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश के आसार हैं। राज्य के ज्यादातर हिस्सों में बारिश सामान्य से कम दर्ज की जाएगी।

राज्यभर में अब तक 1,638.82 करोड़ का नुक्सान हुआ है, जिसमें लोक निर्माण विभाग को 1,218.72 करोड़, जल शक्ति विभाग को 368.68 करोड़, बिजली बोर्ड को 21.50 करोड़ का नुक्सान हुआ है। कुल 288 मौतें हुई हैं, जिसमें 116 प्राकृतिक आपदाओं से और 172 सड़क हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं। 40 लोग लापता हैं और 520 लोग घायल हुए हैं। 500 मकान पूरी तरह तबाह हुए हैं, जिनमें 345 पक्के व 155 कच्चे मकान शामिल हैं और 1,670 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। 469 गऊशालाएं क्षतिग्रस्त और 520 मवेशियों की जान गई है।

राज्य भर में कुल 61 सड़कें बंद हैं। राहत की बात यह है कि सभी नैंशनल हाईवे चालू हैं। मंडी जिला सबसे प्रभावित है, जहां 30 सड़कें बंद हैं। अकेले सराज उपमंडल में 25 सड़कें बंद हैं। कुल्लू जिले में 11 सड़कें अवरुद्ध हैं। कांगड़ा जिले में 10 सड़कें बंद हैं तथा सिरमौर, शिमला और ऊना में 3-3 सड़कें बंद चल रही हैं, वहीं लाहौल-स्पीति में 1 सड़क बंद है। प्रदेशभर में 8 बिजली ट्रांसफार्मर ठप्प हैं। इनमें 6 ट्रांसफार्मर चंबा के डल्हौजी में और 2 शिमला के रामपुर में बंद पड़े हैं। राज्य में केवल 2 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जो दोनों शिमला जिले के रामपुर उपमंडल में स्थित हैं।


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Kuldeep

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