देश में दूर होगा दवा का संकट, बीबीएन में बढ़ेगा दवा का उत्पादन

Tuesday, Apr 07, 2020 - 08:18 PM (IST)

सोलन, (पाल): प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में फार्मा उद्योगों में दवाओं के उत्पादन बढऩे की उम्मीद हो गई है। फार्मा उद्योगों को दूसरे राज्यों व प्रदेश के अन्य जिलों में फंसे कर्मचारियों को उद्योग तक पहुंचाने के लिए वन टाइम अनुमति मिल गई है। इन सभी उद्योगों को उपनिदेशक उद्योग विभाग बद्दी को अपने-अपने उन  कर्मचारियों की डिटेल देनी होगी, जिन्हें दूसरे राज्यों या फिर प्रदेश के अन्य जिलों से उद्योग तक पहुंचाना है। उद्योगों को ही इन सभी कर्मचारियों की रहने की व्यवस्था करनी होगी। यहां पर विदित रहे कि प्रदेश में लॉकडाऊन व कफ्र्यू के चलते प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में दवा का उत्पादन घटने के साथ ही देश में दवा का संकट गहरा गया था। इसके कारण जीवन रक्षक दवाओं का उत्पादन करीब 80 फीसदी तक घट गया था। प्रदेश में लॉकडाऊन व कफ्र्यू के कारण फार्मा उद्योगों के कर्मचारी दूसरे राज्यों या फिर प्रदेश के अन्य जिलों में फंस गए थे।

बीबीएन में फार्मा उद्योगों की संख्या करीब 350

 इसके कारण फार्मा उद्योगों में दवा का उत्पादन कम हो गया था। बीबीएन में उद्योगों में कार्यरत अधिकांश कर्मचारी हरियाणा राज्य के कालका, पंचकूला व पिंजौर तथा चंडीगढ़ से आते हैं। लॉकडाऊन व कफ्र्यू के कारण प्रदेश की सीमाएं सील हो गई थीं, जिसके कारण वे अपने उद्योगों में नहीं आ सकते थे। इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों के उद्योगों में कार्यरत कर्मचारी भी कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए अपने घरों को चले गए थे लेकिन बाद में जिलों की सीमाएं सील होने के बाद ये कर्मचारी भी उद्योगों तक नहीं पहुंच सके। कर्मचारियों की कमी के कारण उद्योगों में उत्पादन ही प्रभावित हो गया। बीबीएन में फार्मा उद्योगों की संख्या करीब 350 है लेकिन इनमें से वर्तमान में करीब 250 उद्योगों में ही उत्पादन हो रहा है, जबकि शेष उद्योग बंद पड़े हुए हैं। जिन उद्योगों में उत्पादन हो भी रहा है वह भी न के बराबर ही है।

आवेदन करने वाले को मिलेगी अनुमति : डीसी

जिलाधीश सोलन केसी चमन ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि जो उद्योग आवेदन करेंगे, उन्हें इसकी अनुमति दी जाएगी। आवश्यक दवा बनाने वाले उद्योगों को आदेश हैं कि वे दवाओं का उत्पादन न रोकें। जिला प्रशासन से वे अनुमति लेने के बाद अपने कर्मियों को वापस काम पर बुला सकते हैं। यह अनुमति कर्मी को केवल एक बार बद्दी तक लाने की ही होगी। यही आदेश कंपनी के प्रबंधक पर भी लागू होंगे। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश के बाहर व अन्य जिलों से उद्योगों में आने वाले कर्मियों के स्वास्थ्य की पूरी जांच होगी। उन्हें कंपनी द्वारा ही वर्क प्लेस के आसपास ठहरने की व्यवस्था करनी होगी। इसके साथ ही सोशल डिस्टैंसिंग सहित अन्य औपचारिकताओं को भी पूरा करना अनिवार्य होगा।

Kuldeep

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