Himachal: भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, पंचायत प्रधान और उपप्रधान समेत 6 वार्ड पंच निलंबित
punjabkesari.in Friday, Jan 09, 2026 - 10:14 PM (IST)
तीसा/चम्बा (सुभान दीन): जिला चम्बा के विकास खंड तीसा की ग्राम पंचायत सनवाल में भ्रष्टाचार के बड़े मामले ने पूरी पंचायत को हिलाकर रख दिया है। प्रशासन ने पंचायत प्रधान मोहन लाल, उपप्रधान और 6 वार्ड सदस्यों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। डीसी मुकेश रेप्सवाल ने इस बाबत आदेश जारी किए हैं। ग्राम पंचायत में मनरेगा मद के तहत किए गए कार्यों में हुई भारी धांधली को लेकर यह कार्रवाई की गई है। मनरेगा के तहत पौधारोपण परियोजना के नाम पर 64,03,560 रुपए की भारी-भरकम राशि के दुरुपयोग के आरोप प्रथम दृष्टया सिद्ध पाए गए हैं। एसडीएम चुराह की जांच में पाया गया कि सरकारी धन का उपयोग नियमों को ताक पर रखकर किया गया है।
डीसी चम्बा मुकेश रेप्सवाल ने अपने आदेश में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रधान और अन्य पदाधिकारियों के पद पर बने रहने से हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 के तहत चल रही जांच प्रभावित हो सकती है। साक्ष्यों को नष्ट किए जाने और सरकारी अभिलेखों के साथ छेड़छाड़ की प्रबल आशंका है। इसके चलते प्रधान मोहन लाल सहित पंचायत के उपप्रधान और 6 वार्ड सदस्यों को निलंबित कर दिया गया है।
प्रधान व उपप्रधान की गिरफ्तारी और नोटिस की अनदेखी
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रधान मोहन लाल को इस भ्रष्टाचार के मामले में 23 जुलाई, 2025 को गिरफ्तार किया गया था और वह 14 दिनों से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में रहे थे। प्रशासन द्वारा दिए गए 'कारण बताओ नोटिस' का जवाब देने में भी लापरवाही बरती गई। पंचायत पदाधिकारियों ने जवाब के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय मांगा था, लेकिन निर्धारित समय सीमा 7 जनवरी, 2026 तक कोई संतोषजनक उत्तर पेश नहीं किया गया। इसके चलते 8 जनवरी को दिया गया जवाब तथ्यों के विपरीत और असंतोषजनक पाया गया है।
रिकॉर्ड पंचायत सचिव को सौंपने का आदेश
डीसी मुकेश रेप्सवाल ने प्रधान व उपप्रधान को निर्देशित किया है कि वे पंचायत की मोहर, चल-अचल संपत्ति और सभी दस्तावेज तुरंत पंचायत सचिव को सौंप दें। यह कार्रवाई जिले की अन्य पंचायतों के लिए एक कड़ा संदेश है।

