Shimla: मांगों काे लेकर सचिवालय के बाहर फिर गरजा दृष्टिहीन संगठन, किया चक्का जाम
punjabkesari.in Tuesday, Apr 21, 2026 - 06:03 PM (IST)
शिमला (प्रीति): राजधानी में अपनी मांगों को लेकर पिछले 918 दिनों से धरने पर बैठे दृष्टिहीन युवाओं का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। सचिवालय के समीप एकत्रित हुए दृष्टिहीनों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चक्का जाम किया। इस दौरान दृष्टिहीनों ने शर्ट खोलकर सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया। धरने के दौरान दृष्टिहीनों और पुलिस जवानों के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। इस दौरान यहां घंटों जाम लगा रहा।
दृष्टिहीन जनसंगठन के सदस्यों ने आने वाले दिनों में सरकार को बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दे। संगठन के सदस्यों ने कहा है कि अब अधिकारियों के साथ नहीं, मुख्यमंत्री के साथ वार्ता की जाएगी। सदस्यों ने कहा है कि यदि इस बीच मुख्यमंत्री ने बैठक के लिए नहीं बुलाया तो आने वाले दिनों में ओकओवर का घेराव किया जाएगा। इस प्रदर्शन के दौरान सदस्यों ने आत्मदाह की चेतावनी भी दी है। प्रवक्ता राजेश ठाकुर ने कहा है कि इस दौरान पैट्रोल डालकर आत्मदाह किया जाएगा।
विशेष भर्ती अभियान चलाए सरकार
राजेश ठाकुर ने कहा है कि सरकार विशेष भर्ती अभियान (भर्ती मेला) के तहत उक्त कोटे के खाली पड़े बैकलॉग पदों को एकमुश्त भरे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनकी जायज मांगों को लगातार अनसुना कर रही है, जिससे प्रदेश के लगभग 1500 दिव्यांगों का भविष्य अंधकार में है।
सरकार और प्रशासन पर वायदाखिलाफी का लगाया आरोप
उन्होंने कहा कि बीते 6 अप्रैल को दिव्यांगों ने मुख्यमंत्री आवास (ओकओवर) की ओर मार्च किया था, जहां उन्हें आश्वासन मिला था कि मुख्यमंत्री के साथ उनकी बैठक करवाई जाएगी। इसके बाद 7 अप्रैल को मुख्यमंत्री के प्रिंसीपल सैक्रेटरी से संपर्क साधने की कोशिश की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
राजेश ठाकुर ने कहा कि सरकार के पास दिव्यांगों की पीड़ा सुनने का समय नहीं है। हम संविधान द्वारा दिए गए अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार हमें सड़कों पर ठोकरें खाने को मजबूर कर रही है। यहां तक कि पुरानी सुविधाएं भी हमसे छीन ली गई हैं।

