Shimla: भूमि अधिग्रहण मामले में हाईकोर्ट का सख्त रुख, तुरंत जमीन का कब्जा सौंपने के निर्देश
punjabkesari.in Thursday, Aug 20, 2026 - 09:00 PM (IST)
शिमला (मनोहर): हाईकोर्ट ने पिंजौर बाईपास से बद्दी नालागढ़ फोरलेन के बीच बन रहे फोरलेन मामले में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण से जुड़े मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन सी. नेगी की खंडपीठ ने संबंधित उप-मंडलीय मैजिस्ट्रेट को आदेश दिया है कि वह उन जमीनों का भौतिक कब्जा जल्द से जल्द एनएचएआई को सौंपना सुनिश्चित करें, जिनका मुआवजा पहले ही जमा करवाया जा चुका है।
अदालत में दाखिल किए गए हलफनामे के मुताबिक, नालागढ़ क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण का काम तीन चरणों में पूरा किया गया था, जिसमें 189 ढांचों और 35 ट्यूबवैलों का मूल्यांकन करके उनके अवार्ड घोषित किए जा चुके हैं। हालांकि, कुल मुआवजे का 3 प्रतिशत हिस्सा अभी भी आबंटित होना बाकी है क्योंकि संबंधित भू-स्वामियों ने अभी तक अपने बैंक खाते और आवश्यक विवरण जमा नहीं किए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, इस अधिग्रहण से जुड़े विवादों के चलते वर्तमान में 2 मामले दीवानी अदालतों में, 1 मामला हाईकोर्ट में और लगभग 1200 आर्बिट्रेशन (मध्यस्थता) के मामले लंबित हैं।सुनवाई के दौरान एनएचएआई की ओर से अदालत को बताया कि जिन जमीनों का कब्जा अभी तक नहीं मिला है, उनकी पूरी सूची प्रशासन को दे दी गई है। इसमें कुछ धार्मिक स्थल, व्यावसायिक परिसर और अवैध कब्जे वाले क्षेत्र शामिल हैं। कोर्ट ने अब इस पूरे मामले की अगली सुनवाई के लिए 28 सितम्बर की तारीख तय की है, जिसमें अनुपस्थित उत्तरदाताओं को पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।

